दिनांक 1 फरवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के फुरसतगंज पीढ़ी गांव स्थित धरम सराय परिसर में एक भव्य एवं विशाल पाली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन संजय यादव एवं सुरेंद्र पाल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. प्रतियोगिता का आयोजन खालसा ताल मैदान में हुआ, जहां दूर-दराज से आए प्रतिभागियों और दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली. इस पारंपरिक आयोजन ने ग्रामीण खेल संस्कृति को जीवंत करने का कार्य किया और पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना दिया.
पाली प्रतियोगिता में घुड़दौड़ एवं बैलगाड़ी दौड़ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं. बैलगाड़ी दौड़ में 22 से अधिक बैलगाड़ियों ने भाग लिया, जिससे प्रतियोगिता अत्यंत रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक बन गई. वहीं घुड़दौड़ में लगभग 7 घोड़ों ने अपनी गति और शक्ति का प्रदर्शन किया. दर्शकों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया. प्रतियोगिता के दौरान मैदान तालियों और जयघोष से गूंजता रहा.
घुड़दौड़ प्रतियोगिता में शिव सिंह (हरियावां, रायबरेली) का घोड़ा प्रथम स्थान पर रहा. उनकी उत्कृष्ट तैयारी और घोड़े की तेज गति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. दूसरे स्थान पर रामकरन यादव (पूरे बैजू, दाउदनगर, रायबरेली) का घोड़ा रहा, जबकि तीसरा स्थान हिमांशु (पूरे बैजू, दाउदनगर, रायबरेली) ने प्राप्त किया. तीनों विजेताओं को आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया.
वहीं बैलगाड़ी दौड़ में कुल 22 बैलगाड़ियों ने औपचारिक रूप से प्रतियोगिता में भाग लिया. इस दौड़ में रामअभिलाख यादव (पूरे जमादार) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया. द्वितीय स्थान पर कंचन कोटेदार छोटू एवं पुरा, जबकि रमेश पाल ददनी ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया. प्रथम विजेता को पुरस्कार स्वरूप साइकिल तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को स्टील की टंकी प्रदान की गई, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ा.
इस पाली प्रतियोगिता को देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए. आयोजन स्थल पर दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी. इसके साथ ही दर्जनों खाने-पीने की दुकानें भी लगाई गई थीं, जहां दिनभर चहल-पहल बनी रही और ग्रामीण मेले जैसा माहौल देखने को मिला.
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजक सुरेंद्र पाल एवं संजय यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं संरक्षक के रूप में ग्राम प्रधान मनोज मौर्य, प्रवेश सिंह और संदीप मौर्य की गरिमामयी उपस्थिति रही. प्रतियोगिता का कुशल संचालन अनाउंसर बलराम एवं बलवंत यादव द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को रोचक और अनुशासित बनाए रखा. यह आयोजन ग्रामीण खेल परंपराओं को सहेजने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक सफल प्रयास रहा.