देश में जिस तरह से मौसम करवट लें रहा है इसका सीधा प्रभाव किसानों की फसलों पर पड़ रहा है. ऐसे ही अगर आपके इलाकों में अगर तेज बारिश हो रही है और आपकी धान की फसल खराब हो गई है और धान की बालियां गिर गई है, तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है, क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि बारिश के मौसम में खेतों में पानी भरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है और ऐसे में हर किसान भाई का बस यह सवाल होता है कि फसल बीमा का पैसा कैसे मिले तो आइए यहां जानें.
फसल खराब होते ही सबसे पहले करें यह काम
अगर तेज बारिश, जलभराव या प्राकृतिक आपदा के कारण आपके खेत में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है, तो सबसे पहले इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें. किसान अपने क्षेत्र के लेखपाल, पटवारी, कृषि विभाग के कर्मचारी या तहसील कार्यालय में जाकर फसल नुकसान की जानकारी दे सकते हैं.
इसके अलावा, शिकायत करते समय अधिकारियों को बताएं कि आपके कितने खेत में फसल खराब हुई है और नुकसान किस वजह से हुआ है. इसके साथ ही प्रभावित खेत की स्पष्ट फोटो और वीडियो जरूर बना लें. कोशिश करें कि तस्वीरों में खेत में भरा पानी, गिरी हुई धान की फसल और खराब हुई बालियां साफ दिखाई दें. समय पर शिकायत दर्ज कराने से नुकसान के आकलन और सरकारी सहायता की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है.
सरकारी मुआवजा पाने के लिए कैसे होगा सर्वे?
प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान पहुंचने पर किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकारें निर्धारित नियमों के तहत सहायता उपलब्ध कराती हैं. इसके लिए राज्य आपदा राहत कोष यानी SDRF के प्रावधानों के अनुसार पात्र किसानों को आर्थिक मदद दी जा सकती है, जब किसानों की ओर से फसल नुकसान की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचती है, तो प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर सकते हैं. इस सर्वे में खेत में हुए नुकसान, प्रभावित भूमि के रकबे, फसल की स्थिति और आपदा के कारणों का आकलन किया जाता है. इसके आधार पर सरकारी नियमों और निर्धारित पात्रता के अनुसार किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है.
बीमा कराया है तो 72 घंटे के अंदर दें सूचना
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अपनी धान की फसल का बीमा कराया है, उनके लिए नुकसान की सूचना समय पर देना बेहद जरूरी है. योजना के तहत स्थानीय आपदाओं और कटाई के बाद होने वाले कुछ निर्धारित नुकसान के मामलों में बीमा क्लेम का प्रावधान है. इसके लिए किसानों को नुकसान की घटना के 72 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी या अधिकृत माध्यम से सूचना देनी चाहिए.
वहीं, शिकायत दर्ज कराने के लिए किसान 14447 हेल्पलाइन टोल फ्री नबंर पर भी संपर्क कर सकते हैं या फिर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, बीमा कंपनी, बैंक शाखा, कृषि विभाग से संपर्क करके शिकायत और क्लेम से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं.
मुआवजा और बीमा क्लेम के लिए जरुरी दस्तावेज
अगर आपकी फसल का भारी नुकसान हो गया है, तो मुआवजा पाने के लिए इन सभी दस्तावेजों को तैयार करके रखें जिनमें हैं-किसान का आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक या बैंक विवरण, जमीन से संबंधित दस्तावेज, धान की बुवाई और फसल बीमा से संबंधित जानकारी, प्रभावित खेत और खराब फसल की फोटो एवं वीडियो, बीमा पॉलिसी या आवेदन की जानकारी, दर्ज की गई शिकायत की रसीद इन सभी दस्तावेजों को तैयार करके रखें.
लेखक: रवीना सिंह