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Updated on: 9 September, 2026 4:52 PM IST
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान

देश के अन्नदाता को नकली और अमानक बीजों के नुकसान से हमेशा के लिए सुरक्षित करने की दिशा में मोदी सरकार बड़ा कदम उठा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समृद्ध और आत्मनिर्भर किसान के विजन को अमलीजामा पहनाते हुए केंद्र सरकार एक नया और सख्त ‘सीड एक्ट’ लाने की तैयारी में है. इस कानून को अंतिम रूप देने से पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 सितंबर को अपरान्ह 4 बजे कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के शीर्ष नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीड कानून के मसौदे पर सीधे किसानों के जमीनी अनुभव, सुझाव और पक्ष को शामिल करना है, ताकि बीज माफियाओं के खिलाफ एक अचूक और प्रभावी व्यवस्था खड़ी की जा सके. ​प्रस्तावित नए 'सीड एक्ट' के तहत नकली, मिलावटी या घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ भारी जुर्माने और जेल की सजा जैसे बेहद सख्त कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं. कई बार खराब बीज के कारण किसान की महीनों की गाढ़ी कमाई और खून-पसीने की मेहनत बर्बाद हो जाती है. केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख है कि कानून ऐसा बने जो बीज की गुणवत्ता और पारदर्शी ट्रेसिंग सिस्टम की शत-प्रतिशत गारंटी दे, साथ ही किसानों के पारंपरिक बीजों के अधिकारों की भी रक्षा करे.

10 सितंबर को आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय विमर्श में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के किसान प्रतिनिधि एक मंच पर उपस्थित रहेंगे. इस बैठक में भारतीय किसान संघ, बीकेयू (विभिन्न घटक), अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC), किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज, गांव किसान उन्नयन और सोसाइटी फॉर इंडिपेंडेंट फार्मर्स एसोसिएशन (SIFA) का शीर्ष नेतृत्व शामिल होगा. ​इसके साथ ही कर्नाटक रैयत संघ, तेलंगाना रैयत संघ, महाराष्ट्र का शेतकारी संगठन, गुजरात का खेदुत समाज, राजस्थान व बिहार की राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन, तमिलनाडु का व्यवसाइगल संघम, झारखंड का प्रगतिशील कृषि मंच तथा केरल के कोट्टायम का कृषक संगठन सहित कई राज्यों के जमीनी किसान प्रतिनिधि भी सीधे कृषि मंत्री के समक्ष अपनी बात रखेंगे.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार हर नीति किसानों से संवाद और सहमति के आधार पर तय करने के लिए प्रतिबद्ध है. आगामी संसद सत्र से पहले होने जा रहा यह महामंथन देश के कृषि क्षेत्र को नकली बीजों के दंश से पूरी तरह मुक्त कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

English Summary: new seed act to protect farmers from fake and substandard seeds shivraj singh chouhan
Published on: 09 September 2026, 05:01 PM IST

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