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Updated on: 24 September, 2026 4:52 PM IST
मशरूम की खेती से कम लागत में कमाई का मौका (Image Source-AI generate)

देश के किसान आज के समय में ऐसी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जो कम लागत में अधिक मुनाफा देने में सक्षम फसल है. अगर आप भी ऐसी कम लागत में तगड़ा मुनाफा दिलाने वाली फसल की तलाश में है, तो मशरूम की खेती आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है, क्योंकि इस फसल की खेती करने के लिए बड़ी जमीन की कोई जरुरत नहीं होती है. यानी की मशरुम की खेती किसान छोटे कमरे से कम जगह से शुरु कर बड़ी आमदनी अर्जित कर सकते हैं.

कम जमीन में कैसे शुरू करें मशरुम की खेती?

मशरूम उत्पादन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसानों को विशाल कृषि भूमि की आवश्यकता नहीं होती. किसान अपनी उपलब्ध जगह के अनुसार छोटी यूनिट से शुरुआत कर सकते हैं. यानी मशरुम की फसल को घर के खाली कमरा, शेड या अन्य उपयुक्त स्थान को तैयार करके वहां मशरूम उत्पादन किया जा सकता है इस प्रकार-

  • मशरुम की खेती के लिए किसान कम जगह का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए बांस या अन्य सामग्री से रैक तैयार कर सकते हैं. 

  • इसके बाद इन रैक पर मशरूम से भरे बैग कई स्तरों पर लगाए जाते हैं. इस तरह वर्टिकल तरीके से उपलब्ध जगह का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है और सीमित क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ाया जा सकता है.

किन मशरूम की किस्मों की रहती है अधिक मांग?

बाजार में कई प्रकार के मशरूम मिलते हैं और ऐसे में किसानों के सामने यह सवाल आता है कि मशरुम की कौन-सी किस्म की पैदावार करें, जिससे अधिक मुनाफा मिल सकें. ऐसे में किसान भाई बटन और ओएस्टर मशरूम का उत्पादन बड़े स्तर पर कर सकते हैं और साथ मशरूम उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला भूसा, बीज यानी स्पॉन और पॉलीबैग जैसे कई जरूरी सामान स्थानीय स्तर पर प्राप्त कर इससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से छोटी या बड़ी यूनिट तैयार कर सकते हैं.

मशरूम की खेती पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत किसानों और उद्यमियों को सहायता दी जाती है. उत्तर प्रदेश में बड़े मशरूम उत्पादन प्रोजेक्ट पर  सरकार निर्धारित लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा सकता है. वहीं, करीब 30 लाख रुपये की निर्धारित लागत वाली उत्पादन इकाई पर अधिकतम 12 लाख रुपये तक सहायता मिलने का प्रावधान बताया गया है. इसी तरह कंपोस्ट तैयार करने वाली यूनिट के लिए करीब 20 लाख रुपये की निर्धारित लागत पर अधिकतम 8 लाख रुपये तक किसानों को अनुदान मिलेगा.

इसके अलावा, छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू करने वालों के लिए भी सहायता का प्रावधान बताया गया है. 200 वर्ग फुट की छप्पर आधारित मशरूम यूनिट पर 50 प्रतिशत तक सहायता, जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये तक मुहैया कराई जाएगी. साथ ही इस बात का विशेष रुप से ध्यान रखें की सब्सिडी की राशि, पात्रता, निर्धारित लागत और आवेदन की शर्तें संबंधित योजना और समय के अनुसार बदल सकती हैं. इसलिए आवेदन करने से पहले किसान अपने जिले के उद्यान विभाग (Horticulture Department) से योजना की मौजूदा गाइडलाइन और पात्रता की जानकारी जरूर प्राप्त करें.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Mushroom Farming Low Cost Government Subsidy Scheme Full Details
Published on: 24 September 2026, 05:02 PM IST

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