Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 14 February, 2024 5:08 PM IST
फसलों पर एमएसपी

MSP 2024: देश में इन दिनों किसानों का प्रदर्शन चल रही है. किसानों की एक मुख्य मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर भी है. किसानों की मांग है की उन्हें सभी फसलों पर एमएसपी दी जाए, ताकि उन्हें नुकसान न उठाना पड़े. लेकिन, क्या आप जानते हैं की मौजूदा समय में सरकार कितनी फसलों पर एमएसपी रही है. सरकार हर साल इसकी एक सूचि भी जारी करती है. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.

एमएसपी क्या है? (What is MSP)

सबसे पहले तो ये जान लें की आखिर एमएसपी होता क्या है. न्यूनतम समर्थन मूल्य, जिसे संक्षिप्त में एमएसपी कहा जाता है. किसानों के लिए एक गारंटी के रूप में काम करता है, जिसमें निर्धारित होता है कि मंडी में किसानों की उपज को किन मूल्यों पर बेचा जाएगा. वास्तविकता में उपज की खेती के दौरान ही मूल्य निर्धारित कर दिया जाता है और यह निर्धारित मूल्य से कम में बाजारों में बिकती नहीं है. न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित होने के बाद भी जब मंडी में उपज कीमतों में गिरावट होती है, तो सरकार किसानों से निर्धारित मूल्य पर ही उपज खरीदती है. आसान शब्दों में कहें, तो न्यूनतम समर्थन मूल्य का उद्देश्य खेती की कीमत में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों को हानि से बचाना है.

कौन तय करता है एमएसपी?

एमएसपी दरें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित की जाती हैं. केंद्र सरकार ने 1965 में कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की स्थापना की थी. जिसका उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य प्रदान करना था. यह संगठन हर वर्ष रबी और खरीफ फसलों के लिए MSP निर्धारित करता है. 1966-67 की पलही बार एमएसपी दर लागू की गई थी. हर साल, सरकार 23 फसलों के लिए एमएसपी का ऐलान करती है, जो राज्यों की सिफारिशों के आधार तय की जाती हैं.

कैसे तय होती है एमएसपी?

जब भी CACP न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनुशंसा करता है, तो उसे इसे तय करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होता है. संस्था ध्यान देती है कि फसल की लागत क्या है, इनपुट मूल्यों में कितने परिवर्तन हुए हैं, बाजार में मौजूदा कीमतों का क्या प्रभाव हुआ है, मांग और आपूर्ति की स्थिति क्या है, अंतरराष्ट्रीय मूल्य स्थिति क्या है. इसके अतिरिक्त, CACP स्थानीय, जिलेवार और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की परिस्थितियों का मूल्यांकन करने के बाद ही फसलों पर मिनिमम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करती है. फिलहाल, देश में एमएसपी को लेकर कोई कानून नहीं है. ऐसे में सरकार चाहे तो एमएसपी देना बंद भी कर सकती है.

किन फसलों पर एमएसपी दे रही सरकार

मौजूदा समय में भारत सरकार 23 फसलों पर MSP दे रही है. इनमें सात अनाज, पांच दालें, सात तिलहन, और चार कमर्शियल फसलें शामिल हैं. 

अनाज पर एमएसपी

  • ज्वार 3225

  • बाजरा 2500

  • धान 2203

  • मक्का 2090

  • गेहूं 2275

  • जौ 1850

  • रागी 3846

दालों पर एमएसपी

  • मूंग 8558

  • अरहर 7000

  • चना 5440

  • उड़द 6950

  • मसूर 6425

तिलहन पर एमएसपी

  • सरसों 5650

  • सोयाबीन 4600

  • सूरजमुखी 5800


कमर्शियल फसलों पर एमएसपी

  • जूट 5050
  • कपास 7020

अधिक जानकारी के लिए https://farmer.gov.in/mspstatements.aspx आपक एमएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं. 

English Summary: MSP 2024 list latest MSP rates msp on various crops
Published on: 14 February 2024, 05:13 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now