देश के किसानों के लिए सरकार कई सरकारी योजनाएं चला रही है और इन योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों किसान बहन-भाइयों को मिल रहा है. ऐसे में मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बागवानी क्षेत्र में निवेश करने का शानदार अवसर सामने आया है. राज्य के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस, प्लास्टिक मल्चिंग, फेंसिंग भारी अनुदान प्रदान कर रही है, जिससे किसानों की लागत कम होगी और आय में इजाफे की संभावना बढ़ेगी.
राज्य में आधुनिक बागवानी को बढ़ावा
राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक और वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों से जोड़ना है. जलवायु परिवर्तन और बढ़ती उत्पादन लागत को देखते हुए संरक्षित खेती Protected Cultivation को भविष्य की खेती माना जा रहा है. पॉलीहाउस और शेडनेट जैसी तकनीकों से किसान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियां, फल और फूलों का उत्पादन कर सकते हैं.
इसके अलावा, प्लास्टिक मल्चिंग से पानी की बचत होती है, खरपतवार कम उगते हैं और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है.
किन-किन घटकों पर मिलेगा अनुदान?
MIDH योजना के तहत किसानों को कई आधुनिक कृषि तकनीकों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी जिनमें शामिल है-
पॉलीहाउस (Naturally Ventilated Tubular)
किसानों को 1008 से 2080 वर्गमीटर क्षेत्र तक पॉलीहाउस निर्माण पर प्रति वर्गमीटर ₹1,000 की निर्धारित लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹500 प्रति वर्गमीटर तक अनुदान मिलेगा.
शेडनेट/एग्रो टेक्सटाइल नेट हाउस
अधिकतम 4000 वर्गमीटर क्षेत्र तक निर्माण पर ₹710 प्रति वर्गमीटर की लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹355 प्रति वर्गमीटर अनुदान दिया जाएगा.
प्लास्टिक मल्चिंग
अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक प्लास्टिक मल्चिंग कराने पर ₹40,000 प्रति हेक्टेयर की लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹20,000 प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिलेगी.
फेंसिंग (लोहे के खंभों सहित)
अधिकतम 1000 रनिंग मीटर तक फेंसिंग के लिए ₹300 प्रति रनिंग मीटर लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹150 प्रति रनिंग मीटर अनुदान मिलेगा.
हाइड्रोपोनिक्स एवं एयरोपोनिक्स
अधिकतम 1000 वर्गमीटर क्षेत्र तक इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर ₹350 प्रति वर्गमीटर लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹175 प्रति वर्गमीटर तक सब्सिडी दी जाएगी.
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का मध्य प्रदेश का निवासी होना आवश्यक है. आवेदन करने वाले किसान का विभाग के पोर्टल पर कृषक पंजीयन होना चाहिए. यदि किसान पहले से पंजीकृत नहीं है तो उसे सबसे पहले ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा. इसके बाद ही वह MIDH योजना के लिए आवेदन कर सकेगा.
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
योजना में आवेदन की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है. सबसे पहले किसान MPFSTS पोर्टल पर जाकर लॉगिन करें. यदि पहली बार पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं तो पहले किसान पंजीयन पूरा करें. इसके बाद "MIDH योजना अंतर्गत आवेदन" विकल्प पर क्लिक करें.
अब जिस घटक के लिए अनुदान लेना चाहते हैं, उसका चयन करें. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें. अंत में आवेदन सबमिट करके उसकी रसीद डाउनलोड या प्रिंट करके सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके.
लेखक: रवीना सिंह