- NCCF ने किसानों को उड़द के बीज मुफ्त वितरित किए और MSP खरीद की जानकारी दी.
- चिल्ली, हमीरपुर में “एमएफओआई – समृद्ध किसान उत्सव” में 250 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा.
- Zydex Industries ने जायटॉनिक आधारित जैव उत्पादों के लाभ बताए.
- Somani Seedz ने मूली और गाजर की उन्नत किस्मों पर जानकारी दी.
- विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती और नई तकनीकों की जानकारी दी.
हमीरपुर (राठ), 12 मार्च. किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से कृषि जागरण द्वारा उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र स्थित चिल्ली गांव में “एमएफओआई – समृद्ध किसान उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में चिल्ली गांव और आसपास के क्षेत्रों से 250 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं.
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा. इसमें National Cooperative Consumers Federation of India (NCCF) Powered By Partner के रूप में शामिल रहा, जबकि Knowledge Partner के रूप में ICAR ने सहयोग दिया. इसके अलावा Supporting Partners के रूप में Zydex Industries, Somani Seedz और Gohand Tulsi Producer Company Limited ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इन सभी संस्थाओं के सहयोग से यह आयोजन किसानों के लिए एक उपयोगी और ज्ञानवर्धक मंच साबित हुआ.
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को विशेष रूप से दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूक करना था, जो ‘राष्ट्रीय दलहन मिशन’ के उद्देश्यों के अनुरूप है. कार्यक्रम के दौरान किसानों को दलहनी फसलों की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, बीज प्रबंधन, उर्वरक उपयोग और बाजार से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई.
कार्यक्रम में National Cooperative Consumers Federation of India (NCCF) की विशेष भूमिका रही. NCCF की ओर से दलहनी फसल की खेती करने वाले किसानों को उड़द का बीज निःशुल्क वितरित किया गया. इससे किसानों को आगामी सीजन में बेहतर उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन मिला.
इस अवसर पर NCCF के Assistant Manager चंचल शर्मा (दिल्ली) और Assistant Manager मनीष कुमार सिंह (कानपुर) ने किसानों को विस्तार से जानकारी दी कि NCCF किस प्रकार किसानों की उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करता है. उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि NCCF किसानों तक सीधे पहुंचकर उनकी उपज की खरीद सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके.
मनीष कुमार सिंह ने अपने संबोधन में भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के बारे में भी किसानों को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने और किसानों को बेहतर सुविधा देने के लिए विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना शुरू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर भंडारण अवसंरचना (Storage Infrastructure) विकसित करना है, जिससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने, बेहतर मूल्य प्राप्त करने और परिवहन लागत कम करने में सहायता मिल सके.
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत PACS (Primary Agricultural Credit Societies) स्तर पर आधुनिक गोदाम और भंडारण केंद्र बनाए जा रहे हैं. इस योजना के तहत NCCF (National Cooperative Consumers’ Federation of India Ltd.) को निर्माण एजेंसी (Construction Agency) के रूप में नामित किया गया है.
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में NCCF की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, जिनमें PACS के लिए वेयरहाउस निर्माण कार्य का प्रबंधन, परियोजना की तकनीकी निगरानी (Technical Supervision), निर्माण कार्य को निर्धारित समय और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा करना, संबंधित विभागों और संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करना तथा परियोजना की प्रगति रिपोर्ट और निरीक्षण कार्य करना शामिल है. उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर भंडारण सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा जिससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा.
मनीष कुमार सिंह ने किसानों को यह भी बताया कि NCCF द्वारा “Janah” ब्रांड के उपभोक्ता उत्पाद भी लॉन्च किए गए हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाली आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराना और सहकारी समितियों को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि इस ब्रांड के माध्यम से उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण खाद्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं.
कार्यक्रम के दौरान Zydex Industries के प्रतिनिधि अंकेश सिंह ने किसानों को Zydex Industries की जायटॉनिक टेक्नोलॉजी आधारित जैव उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने किसानों को जायटॉनिक-एम, जायटॉनिक गोधन, जायटॉनिक मिनीकिट, जायटॉनिक सुरक्षा, जायटॉनिक नीम और जायटॉनिक जिंक जैसे विभिन्न उत्पादों के उपयोग और उनके लाभों के बारे में बताया.
उन्होंने कहा कि इन जैव उत्पादों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है, फसलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन लागत भी कम हो सकती है.
Somani Seedz के प्रतिनिधि बी.के. यादव ने किसानों को सब्जियों की विभिन्न उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने विशेष रूप से मूली और गाजर की उन्नत किस्मों पर प्रकाश डाला और किसानों को बताया कि सही बीज और वैज्ञानिक खेती अपनाने से किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया. Swami Brahmanand College, हमीरपुर के शस्य विज्ञान विभाग से जुड़े डॉ. वरुण कुमार सिंह ने दलहनी फसलों की सफल खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने किसानों को दलहन की बुवाई, बीज उपचार, पोषक तत्व प्रबंधन और रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाते हैं तो वे दलहनी फसलों से बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त कर सकते हैं.
कार्यक्रम के दौरान Gohand Tulsi Producer Company Limited के CMD रघुवीर सिंह ने उपस्थित किसानों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इनके माध्यम से उन्हें नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और बाजार से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर मिलती है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें और नई जानकारियों को अपनाकर अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बनाएं.
इस कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही. मंच पर NCCF के ब्रांच मैनेजर अनुराग शर्मा (कानपुर), Assistant Manager मनीष कुमार सिंह (कानपुर), Assistant Manager चंचल शर्मा (दिल्ली), Swami Brahmanand College, राठ के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. वीर सिंह (प्रगतिशील किसान, बाहपुर), Zydex Industries के Territory Business Manager अंकेश सिंह, Somani Seedz के प्रतिनिधि बी.के. यादव, चिल्ली राठ हमीरपुर से प्रतिनिधि जितेंद्र राजपूत, Swami Brahmanand College के डॉ. वरुण कुमार सिंह तथा कृषि जागरण के कंटेंट हेड विवेक कुमार राय उपस्थित रहे.
कुल मिलाकर “एमएफओआई – समृद्ध किसान उत्सव” किसानों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और सफल कार्यक्रम साबित हुआ. इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी मिली, विभिन्न कंपनियों के उत्पादों के बारे में समझ मिली और NCCF द्वारा उड़द के बीज निःशुल्क वितरित किए गए, जिससे किसानों को आगामी फसल के लिए प्रोत्साहन मिला.