बस्तर के जंगलों का ‘खुला औषधालय’ खतरे में! मंजूर गोड़ी समेत कई दुर्लभ जड़ी-बूटियां विलुप्त होने की कगार पर Escorts Kubota ने मनीष शर्मा को एग्री बिजनेस का प्रेसिडेंट नियुक्त किया, ट्रैक्टर और Agri Business की संभालेंगे जिम्मेदारी धान की फसल के लिए Dhanuka Agritech Limited ने पेश किया “Polin” फफूंदनाशी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 15 July, 2023 12:31 PM IST
Central government is giving seeds of medicinal plants

इस योजना के माध्यम से, उत्तर भारतीय राज्यों चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले औषधीय पौधों की खेती करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है. राष्ट्रीय औषध पादप बोर्ड और आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, जोगिन्द्रनगर (RCFC NR1) NMPB द्वारा संचालित क्षेत्रीय एवं सुगमता केंद्र ईच्छुक किसानों को शिगरू, अश्वगंधा, सर्पगंधा, कालमेघ, अशोक, तिमरु जैसी महत्वपूर्ण औषधीय पौधों के पौधे और बीज प्रदान कर रहे हैं.

यह फॉर्म भरना है जरूरी 

यह फॉर्म 20 जुलाई 2023 तक स्वीकार किया जाएगा. आपको इसमें अपना नाम, संपर्क विवरण, आवश्यक पौधों की संख्या आदि जानकारी प्रदान करनी होगी. यदि आपकी मांग अगले वर्ष के लिए है, तो इसका भी उल्लेख करना अत्यंत आवश्यक है. योजना के तहत उपलब्ध कराए जा रहे पौधे और बीज उच्च गुणवत्ता के हैं और उत्पादन में आपकी सहायता के लिए पूरी तरह से उपयुक्त हैं. आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग आरोग्य और संतुलन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण होता है और इस योजना के माध्यम से यह आपको अवसर प्रदान किया जाएगा कि आप इन पौधों की खेती कर अपनी इनकम में वृद्धि कर सकें.
यदि आपके पास इस योजना के बारे में किसी भी प्रकार के प्रश्न हैं, तो आप विशाल (7018162661) और शीतल चंदेल (7876244102) से संपर्क कर सकते हैं. आप इन्हें ईमेल भी कर सकते हैं: rcfcnorth@gmail.com और rcfcnr1@gmail.com. इन माध्यमों से आप इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही इससे संबंधित किसी भी जानकारी को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

उठायें योजना के लाभ

उत्तर भारतीय राज्यों के किसानों को औषधीय पौधों की उच्च गुणवत्ता वाली खेती करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया जाता है. इस योजना से किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वावलंबी बनाने में मदद मिलती है. आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग आरोग्य बढ़ाने और संतुलन को पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण होता है, जो इस योजना के माध्यम से किसानों को भी लाभ पहुंचाता है.

प्रक्रिया:

  • योजना में शामिल होने के लिए, किसानों को आवेदन करना होगा.
  • आवेदन के लिए उचित फॉर्म को भरना होगा, जिसमें नाम, संपर्क विवरण, आवश्यक पौधों की संख्या आदि जानकारी प्रदान की जाएगी.
  • आवेदन फॉर्म को निर्धारित तिथि तक जमा करना होगा.

यह भी देखें- सरकार फ्री में दे रही दोना-पत्तल बनाने की मशीन, 30 जुलाई तक करें आवेदन

इस प्रकार, उत्तर भारतीय राज्यों के किसानों को राष्ट्रीय औषध पादप बोर्ड के केंद्रों के माध्यम से औषधीय पौधों की उच्च गुणवत्ता वाली खेती करने का अवसर मिल रहा है. यह योजना उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करती है और स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करती है. इसके लिए, उच्च गुणवत्ता के पौधे और उत्पादन प्रक्रिया में वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है.

English Summary: Medicinal Plant Seeds Central government is giving seeds of medicinal plants apply soon last date is 20 July
Published on: 15 July 2023, 12:46 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now