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Updated on: 3 June, 2026 3:59 PM IST
“पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना” (Image Source-AI generate)

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है और इस अहम फैसले से किसानों की परेशानियों का अंत होगा, क्योंकि राज्य में अभी भी ऐसे कई किसान भाई है, जो कर्ज के बोझ तले दबे हुए है. ऐसे में सरकार का “पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना” को मंजूरी देना किसी राहत से कम नहीं. साथ ही बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना पर अंतिम मुहर लगाई गई. इस फैसले के बाद राज्य के लाखों किसानों को कर्ज के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है.

योजना का लाभ लेने के लिए क्या पात्रता होनी चाहिए?

“पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना” के प्रस्ताव मंजूरी के साथ योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता निर्धारित की गई है, जो कुछ इस तरह से हैं-

योजना का लाभ उन किसान भाइयों को मिलेगा जिनका कृषि ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया है. इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना को पारदर्शी और व्यापक बनाने के लिए अनावश्यक शर्तों से बचा गया है, ताकि अधिकतम जरूरतमंद किसानों तक इसका लाभ पहुंच सके.

किन किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन?

इस सरकारी योजना को राज्य सरकार ने सिर्फ कर्जमाफी तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि वित्तीय अनुशासन को भी बढ़ावा देने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की है कि जो किसान नियमित रूप से अपने ऋण की किस्तें समय पर चुकाते रहे हैं और डिफॉल्टर नहीं हैं, उन्हें 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह कदम उन किसानों के लिए राहत भरा है, जो कर्ज चुकाने में अनुशासन बनाए रखते हैं और अक्सर ऐसी योजनाओं में खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं.

बजट पर पड़ेगा भारी असर

इस योजना के लागू होने से महाराष्ट्र सरकार पर 36,585 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा. हालांकि, सरकार ने पहले ही वित्तीय योजना तैयार कर ली थी. वर्ष 2026-27 के 7.69 लाख करोड़ रुपये के बजट में इस कर्जमाफी योजना के लिए प्रावधान किया गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का आवंटन राज्य के वित्तीय संतुलन पर दबाव डाल सकता है, लेकिन सरकार ने इसे किसानों के हित में जरूरी कदम बताया है. सरकार का कहना है कि कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना समग्र आर्थिक विकास संभव नहीं है.

खरीफ सीजन से पहले राहत देने का लक्ष्य

सरकार ने स्पष्ट रूप से समयसीमा भी तय की है. सभी पात्र किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया 30 जून 2026 से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले नए सिरे से ऋण लेकर खेती शुरू कर सकें.

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर योजना समय पर लागू होती है तो यह किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Maharashtra Kisan Karz Maafi Yojana 56 lakh Farmers Benefit Approves loan waiver Scheme 2026
Published on: 03 June 2026, 04:09 PM IST

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