ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार पशुपालन क्षेत्रों को भी लगातार बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा शुरु की गई ‘बकरी इकाई प्रदाय योजना’ के तहत किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है, जिसके तहत सरकार दे रही है भारी अनुदान.
योजना के क्या है प्रमुख लाभ?
बकरी इकाई प्रदाय योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थी को 10 मादा बकरियां एवं 1 नर बकरा प्रदान किया जाएगा. इसके साथ ही लाभार्थियों को 5 वर्षों का बीमा कवरेज भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इतना ही नहीं, योजना के तहत प्रारंभिक तीन माह के चारे की राशि भी दी जाएगी, ताकि पशुपालकों को शुरुआत में किसी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े.
सरकार का मानना है कि इस सहायता से लाभार्थी कम समय में अपना बकरी पालन व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे और नियमित आय अर्जित कर पाएंगे.
इकाई की लागत और अनुदान
योजना के अंतर्गत एक बकरी इकाई की कुल लागत 77,456 रुपये निर्धारित की गई है. इस लागत पर विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग अनुदान का प्रावधान किया गया है.
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अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.
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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा.
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इस अनुदान के कारण पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे आसानी से इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगे.
किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है और इस स्कीम का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें शामिल हैं-
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र
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बैंक पासबुक की प्रति
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जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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परियोजना रिपोर्ट (प्रोजेक्ट रिपोर्ट)
इन दस्तावेजों के आधार पर पात्रता का सत्यापन किया जाएगा और चयनित आवेदकों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा.
कैसे करें आवेदन?
योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारीया पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं. विभागीय अधिकारी योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे.
लेखक: रवीना सिंह