देश के किसान खेती-बाड़ी करने साथ ऐसे व्यवसाय की तलाश में रहते हैं, जिससे वह कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें. इसी दिशा में मध्य प्रदेश सरकार किसानों सरकार मछली पालन करने के लिए तालाब निर्माण से लेकर प्रशिक्षण और ऋण सुविधा देने के साथ 60% तक भारी अनुदान प्रदान कर रही है, जिससे किसानों की आय में इजाफा होने की संभावना बढ़ेगी. आइए जानें योजना के बारे में पूरी जानकारी.
किस योजना के तहत मिलेगी सब्सिडी?
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना और केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से किसानों को परियोजना लागत पर 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है.
किसे मिलेगी कितनी सब्सिडी?
-
योजना के तहत लाभार्थियों को उनकी श्रेणी के अनुसार अनुदान दिया जाता है-
-
अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला लाभार्थियों को परियोजना लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है.
-
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के किसानों को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है.
साथ ही इस आर्थिक सहायता से किसानों का शुरुआती खर्च काफी कम हो जाता है और वे कम पूंजी में व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
पात्रता क्या है?
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खेती योग्य जमीन होना अनिवार्य है. यदि जमीन पर तालाब बनाया जा सकता है, तो किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन जिला मत्स्य विभाग कार्यालय में जमा करना होगा. विभाग पात्रता की जांच के बाद योजना के तहत स्वीकृति प्रदान करता है.
क्या प्रशिक्षण और तकनीकी की मिलेगी सहायता?
सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि किसानों को वैज्ञानिक मछली पालन का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रशिक्षण के दौरान तालाब प्रबंधन, मछलियों की उन्नत प्रजातियों का चयन, संतुलित आहार, जल गुणवत्ता बनाए रखने और रोग नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं.
ऋण सुविधा से होगी आसान शुरुआत
जिन किसानों के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है, वे बैंक के माध्यम से ऋण सुविधा का लाभ भी ले सकते हैं. सरकारी योजनाओं के साथ बैंक लोन मिलने से व्यवसाय शुरू करना और भी आसान हो जाता है. सब्सिडी मिलने के बाद किसानों पर आर्थिक बोझ भी काफी कम हो जाता है.
विभाग से करें संपर्क
मत्स्य निरीक्षक के अनुसार, इच्छुक किसान अधिक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपने जिला मत्स्य विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. यहां योजनाओं, पात्रता, दस्तावेज, प्रशिक्षण और ऋण सुविधा से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है.
लेखक: रवीना सिंह