मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय में इजाफा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए डेयरी बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत राज्य के किसानों, पशुपालकों, ग्रामीणों युवाओं को ₹40 लाख तक डेयरी यूनिट स्थापित करने पर दे रही है 10 लाख रुपये तक भारी अनुदान, ताकि राज्य के किसान डेयरी बिजनेस की ओर बढ़ बेहतर मुनाफा कमा सकें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डेयरी व्यवसाय पर क्या कहां?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डेयरी उद्योग के विस्तार के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है और इस नई सब्सिडी योजना से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं को डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करना है. साथ ही उनहोंने कहा यदि कोई पात्र व्यक्ति ₹40 लाख तक की डेयरी यूनिट स्थापित करता है तो उसे ₹10 लाख तक की सरकारी सहायता दी जाएगी.
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का क्या फोकस है?
मध्य प्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है, लेकिन डेयरी क्षेत्र में अभी भी विकास की काफी संभावनाएं मौजूद हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करना है. वर्तमान में राज्य का योगदान लगभग 12 प्रतिशत के आसपास है, जिसे आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है.
इसके लिए केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि आधुनिक डेयरी प्रबंधन, बेहतर नस्ल के पशु, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा.
किसानों को मिलेगा दूध का बेहतर दाम
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ हुए समझौते का लाभ किसानों तक पहुंचने लगा है. इस साझेदारी के बाद कई क्षेत्रों में किसानों को दूध के बदले पहले की तुलना में ₹8 से ₹10 प्रति लीटर तक अधिक मूल्य मिलने लगा है.
बेहतर कीमत मिलने से डेयरी व्यवसाय की लाभप्रदता बढ़ी है. इससे किसानों का डेयरी क्षेत्र के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है और अधिक लोग इस व्यवसाय को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं.
खेती के साथ डेयरी बनेगी अतिरिक्त आय का स्रोत
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल फसल उत्पादन पर निर्भर रहने की बजाय यदि किसान डेयरी व्यवसाय को भी अपनाते हैं, तो उनकी आय पूरे वर्ष बनी रहती है. दूध की नियमित बिक्री से नकद आय मिलती है, जिससे खेती के खर्चों को पूरा करने में भी आसानी होती है.
सरकार की नई सब्सिडी योजना ऐसे किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है जो आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित कर व्यवसाय को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
लेखक: रवीना सिंह