मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध की वजह से ईंधन सप्लाई को लेकर पूरे भारत में चिंता का माहौल बना हुआ है. ऐसे में लोगों एलपीजी गैस नहीं मिल पा रहे हैं और वे बाहर से ब्लैक में एलपीजी सिलेंडर खरीदने पर मजबूर हो गए है, जो उनको तीन गुना महंगा पड़ रहा है. इसी के चलते पीआईबी का ओर से विशेष जानकारी दी गई है कि एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में कोई चेंज नहीं किया गया है और देश के लोगों को समय पर इन नियमों के अनुसार एलपीजी सिलेंडर उन तक पहुंच जाएगा.
शहरी और ग्रामीण इलाकों के नए बुकिंग नियम क्या है?
पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा, क्योंकि सिलेंडर बुकिंग की समय रेखा गैस खपत के पैटर्न के आधार पर तय की गई है इस प्रकार-
शहरी उपभोक्ता
अगर आप शहर में रहते हैं और आप का सिलेंडर खाली हो गया है तो घबराए की कोई जरुरत नही है पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक शहरी उपभोक्ता 25 दिनों के बाद ही नई एलपीजी सिलेंडर बुकिंग कर सकते हैं. ऐसे में शहरी लोगों को गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा.
ग्रामीण उपभोक्ता
पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ग्रामीण उपभोक्ता के लिए जो नियम लागू किए गए है वो खपत पैटर्न के हिसाब से तय किए गए है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को दूसरा सिलेंडर मंगाने से पहले 45 दिनों तक इंतजार करना होगा. यानी की ग्रामीण क्षेत्र के लिए 45 दिनों का गैप रखा गया है. इससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
क्यों नए नियम लागू किए गए?
मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध की वजह से गैस उपभोक्ताओं के मन में डर बैठ गया था. अब सिलेंडर मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और इसी को देखते हुए हर राज्य के उपभोक्ताओं ने ज्यादा सिलेंडर बुक करने शुरू कर दिए थे. इस कारण अचानक बढ़ोतरी से डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेल दुकानों पर दबाव बढ़ता जा रहा था. इसी के चलते पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह नए नियम लागू किए, ताकि जमाखोरी पर रोक लगे और हर व्यक्ति तक एलपीजी सिलेंडर पहुंच सकें.
ग्रामीण और शहरी खपत के पैटर्न में इतना अंतर क्यों?
प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार ग्रामीण और शहरी खपत के पैटर्न में इतना अंतर इसलिए रखा गया है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आज भी ईंधन में चूल्हे पर ही लोग खाना बनाना पसंद करते हैं. ऐसे में इन क्षेत्रों के लोग एलपीजी गैस पर नही निर्भर रहते हैं. इसलिए ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए गैस रिफिल बुकिंग 45 दिनों की रखी है.
लेखक: रवीना सिंह