देश में लगातार पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी गैस तक महंगा हो गया है और इस दौरान लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उनका खर्च बढ़ता जा रहा और इनकम इतनी है ही नहीं. इसी के चलते फिर एक बार राजधानी के लोगों की जेब पर महंगाई का झटका लगा है और कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 42 रुपये का इजाफा कर दिया गया है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर अब 3113.50 रुपए हो गई है. बता दे कि इन नई कीमत को आज यानी 1 जून से लागू कर दिया गया है.
पहले कब कीमत में इजाफा हुआ था?
मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से देश में लगातार महंगाई का ग्राफ ऊपर की ओर जा रहा है. एक महीने पहले ही एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई थी तब उस समय दाम करीबन 993 रुपए थे और फिर एक बार 19 किलों वाले कमर्शियल सिलेंडर पर 42 रुपये का इजाफा कर दिया गया है. ऐसे में इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट परह पड़ेगा और बाहर का खाना महंगा हो जाएगा.
क्या घरेलू LPG गैस के दाम में हुआ है इजाफा?
देश में आम आदमी तेल की बढ़ती कीमतों को तो झेल ही रहे थें और फिर एक बार एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है. हालांकि इस बार आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी की दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये स्थिर है. इससे लाखों परिवारों को थोड़ी राहत मिली है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं.
क्यों बढ़े गैस के दाम?
एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से भी जुड़ी है. विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने गैस के दामों को प्रभावित किया है.
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर देश में एलपीजी के रेट पर पड़ता है. इसके अलावा, सप्लाई चेन में बाधाएं और परिवहन लागत में वृद्धि भी एक अहम कारण मानी जा रही है.
किन शहरों में दामों में हुई बढ़ोतरी?
दिल्ली के अलावा अन्य महानगरों में भी एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं, जो कुछ इस प्रकार है-
-
दिल्ली: 3113.50 रुपये (42 रुपये की बढ़ोतरी)
-
कोलकाता: 3255.50 रुपये (53.50 रुपये की बढ़ोतरी)
-
5 किलो FTL सिलेंडर: दिल्ली में अब 821.50 रुपये (11 रुपये महंगा)
इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन व्यवसायों पर पड़ेगा जो बड़े पैमाने पर एलपीजी का उपयोग करते हैं.
लेखक: रवीना सिंह