केंद्र सरकार देश के किसानों के साथ पशुपालकों के लिए कई सरकारी योजना निकालती रहती है और अभी हाल ही में सरकार ने पशुपालकों और पशुपालन से जुड़ें किसानों को राहत की खबर दी है. अब पशुपालक अपने मवेशियों के चारे, दवा, टीकाकरण, शेड निर्माण और अन्य जरूरी खर्चों के लिए महंगे कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी और इसी क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के दायरे में शामिल कर सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा दी है.
क्या है पशुपालन KCC?
पशुपालन से जुड़े किसानों को कार्यशील पूंजी की जरुरत अचानक से पड़ती है, जिसमें चारे की खरीद, दवाइयां, टीकाकरण, पशु शेड की मरम्मत जैसे खर्च जब आते हैं, तो ऐसे में हालात बन जाते हैं मंहगे ब्याज पर साहूकारों से कर्ज लेना पड़ जाता है, लेकिन अब ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आएगी. अब KCC के जरिए किसान कम दर पर लोन लेकर इन जरुरतों को पूरा कर सकते हैं.
किन्हें मिलेगा लाभ?
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डेयरी फार्मिंग करने वाले किसान
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गाय, भैंस, बकरी, भेड़ या पोल्ट्री पालक
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स्वयं सहायता समूह (SHG)
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मत्स्य पालन या अन्य पशुधन आधारित गतिविधियों से जुड़े किसान
कितना मिल सकता है लोन?
पशुपालन KCC के तहत ऋण सीमा पशुओं की संख्या और व्यवसाय के आकार के आधार पर तय की जाती है.
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₹2 लाख तक का लोन बिना जमानत
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₹3 लाख तक का लोन जमानत के साथ
यह राशि पशुपालकों को उनके व्यवसाय के संचालन और विस्तार में मदद करती है. बैंक दस्तावेजों और पात्रता के आधार पर अंतिम क्रेडिट लिमिट तय करता है.
ब्याज दर और सब्सिडी
KCC के तहत ऋण पर सामान्यत 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू होती है और इसमें खास बात यह है कि जो समय के अनुसार इस ऋण को चुका देते हैं उन लोगों को 3 प्रतिशत तक अतिरिक्त ब्याज की छूट मिलने की संभावना है, जिसमें ₹2 लाख तक के ऋण पर यानी प्रभावी ब्याज दर घटकर 4 प्रतिशत तक शेष रह जाएगी और इससे मुनाफा बढ़ने के अवसर मिलेगा.
जरूरी दस्तावेज क्या होगे?
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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बैंक पासबुक
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पासपोर्ट साइज फोटो
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पशुओं की संख्या और विवरण
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निवास प्रमाण पत्र
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
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पशुपालक इस लोन के लिए आवेदन अपने नजदीकी बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या PACS पर जाए.
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उसके बाद KCC आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सही जानकारी के साथ भरें और अपने सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें.
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इस प्रक्रिया के बाद बैंक द्वारा दस्तावेजों की जांच और पात्रता का आकलन किया जाएगा.
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फिर आगे स्वीकृति मिलने के बाद किसान को KCC जारी कर दिया जाएगा.
लेखक: रवीना सिंह