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Updated on: 28 January, 2026 3:45 PM IST
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना (Image Source-AI generate)

किसानों के साथ पशुपालकों के लिए भी सरकार कई योजनाएं लागू कर रही है और ऐसी ही मध्यप्रदेश सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना चला रही है, जिसके तहत पशुपालकों को 33% तक अनुदान मुहैया करवाया जा रहा है. साथ ही सरकार का इस योजना की शुरुआत करने के पीछे का कारण है राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और साथ ही रोजगार के लिए नए अवसर लाना, जिससे की ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की  आर्थिक स्थिति में सुधार आए.

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरुआत क्यों की गई?

सरकार का इस योजना की शुरुआत करने के पीछे का कारण यह है कि  डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पशुपालकों को 25 दुधारू पशुओं की एक यूनिट स्थापित करने का अवसर दिया जाएगा और यह योजना खास तौर पर छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी उद्यमियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि वे कम जोखिम के साथ व्यवसाय शुरू कर अच्छी आमदनी अर्जित कर सकें.

सब्सिडी और वित्तीय सहायता का क्या प्रावधान है?

इस सरकारी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिलने वाली सब्सिडी है साथ ही राज्य सरकार प्रोजेक्ट की कुल लागत पर सब्सिडी उपलब्ध करा रही है-

मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 33% तक अनुदान मुहैया कराया जाएगा और अन्य वर्गों को 25% तक अनुदान और पशुपालक को शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी. इस व्यवस्था से पशुपालकों पर शुरुआती निवेश का बोझ कम होगा और वे आसानी से डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकेंगे.

बड़े प्रोजेक्ट की भी सुविधा

अगर आप बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आप 8 यूनिट, यानी करीब 200 पशुओं तक का डेयरी प्रोजेक्ट स्थापित कर सकते हैं. इस योजना से छोटे स्तर पर, बल्कि बड़े पैमाने पर भी डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पशुपालाकों की कमाई भी दोगुना हो सकती है.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र

  • भूमि से जुड़े दस्तावेज

  • बैंक खाता विवरण

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

  • प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

कैसे करें आवेदन?

अगर आप भी इस सरकारी योजना में इच्छुक है, तो पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. यहां से योजना से जुड़ी पूरी जानकारी आसानी से जान सकते हैं और इस योजना का लाभ उठाकर 30% अनुदान प्राप्त कर सकते हैं.

जरूरी शर्तें और प्रशिक्षण

अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो प्रति यूनिट आवेदनकर्ता के पास कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होनी जरुरी है, क्योंकि यह भूमि पशुओं के आवास, चारे व्यवस्था और डेयरी संचालन के लिए जरुरी है. इसके अलावा, सरकार पशुपालकों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने पर भी जोर दे रही है, ताकि वे आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से डेयरी व्यवसाय में डबल मुनाफा कमा सकें.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: livestock farmers get Subsidy up to 33 percent on dairy farming know all details
Published on: 28 January 2026, 03:49 PM IST

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