अगर आप कम लागत में पशुपालन व्यवसाय शुरु करने की सोच रहे हैं, तो आपका पास अच्छा अवसर है. बिहार सरकार बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत सरकार भारी अनुदान प्रदान कर रही है, ताकि इस सरकारी योजना के जरिए ग्रामीण युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिल सकें. साथ ही यह योजना उन परिवारों के लिए काफी लाभकारी हो सकती है, जो आर्थिक रुप से कमजोर है वह लोग इस योजना का फायदा उठाकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं.
कितनी बकरियों पर मिलेगा अनुदान?
अगर आप इस सरकारी योजना में आवेदन करते हैं तो और आप इस योजना में चयनित लाभार्थी होते हैं, तो आपको तीन बकरियां उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा, सरकार ने योजना में कुल तीन बकरियों की कीमत 15,000 हजार रुपये निर्धारित की है. इसी प्रकार श्रेणी के हिसाब से लाभार्थियों को योगदान देना होगा इस प्रकार-
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सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के लाभार्थियों को केवल ₹3,000 का योगदान.
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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग को ₹1,500 में तीन बकरियां दी जाएगी.
साथ ही सरकार इस सरकारी योजना का बाकी का खर्च खुद ही वहन करेंगी. यानी की कुल मिलाकर योजना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ बिहार के पात्र निवासी किसान, ग्रामीण युवा, महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्य तथा पशुपालन में रुचि रखने वाले अन्य इच्छुक व्यक्ति उठा सकते हैं. हालांकि अंतिम पात्रता और चयन की शर्तें संबंधित वर्ष की अधिसूचना के अनुसार निर्धारित की जाती हैं.
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक आवेदकों को बिहार पशुपालन विभाग के विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी अपलोड करनी पड़ सकती है. यदि किसी आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई आती है, तो वह नजदीकी साइबर कैफे या जन सेवा केंद्र की सहायता से भी आवेदन कर सकता है.
लेखक: रवीना सिंह