Sugarcane Farming Tips: वैज्ञानिक ढंग से गन्ने की खेती कर बढ़ाएं उत्पादन Success Story: प्राकृतिक खेती से संजीव कुमार की बदली तकदीर, लागत में आई 60% तक कमी, आमदनी में हुई 40% तक वृद्धि कृषि में मशीनों के उपयोग में STIHL की भूमिका: भारतीय खेती के लिए आधुनिक समाधान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 17 February, 2026 6:38 PM IST
एनसीटी दिल्ली में ग्रीष्मकालीन फसलों की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

कृषि विज्ञान केंद्र, उज्वा, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 17 फरवरी 2026 एनसीटी दिल्ली में ग्रीष्म ऋतु की फसलों की वैज्ञानिक खेती विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. यह कार्यशाला दिल्ली सरकार द्वारा ATMA Scheme के अंतर्गत प्रायोजित की गई. कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र के अध्यक्ष डॉ. डी. के. राणा द्वारा सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए की गई. उन्होंने ग्रीष्म ऋतु की फसलों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (IPM) विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों पर प्रकाश डाला.

Government of NCT of Delhi के कृषि प्रसार अधिकारी मुकेश शर्मा एवंरविंदर कुमार ने दिल्ली सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रीष्म ऋतु की फसलों को जैविक एवं प्राकृतिक तरीकों से उगाने की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की.

केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने परिनगरीय दिल्ली (Peri-urban Delhi) में गर्मी के मौसम में लौकी, करेला, भिंडी, खीरा एवं हरी मिर्च जैसी उच्च-मूल्य वाली सब्जियों की वैज्ञानिक खेती पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उन्नत किस्मों, ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस एवं मल्चिंग तकनीक के उपयोग से पानी की कमी वाले क्षेत्रों में भी 1.5 से 2 गुना अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है. इन तकनीकों से जल संरक्षण के साथ-साथ कीट प्रबंधन में भी सहायता मिलती है.

केंद्र के पादप सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. बी. एल. फगोडिया ने फसल बुवाई से पूर्व भूमि एवं बीज उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को वैज्ञानिक विधियों को अपनाने की सलाह दी. कृषि प्रसार विशेषज्ञकैलाश ने कृषि में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग पर विस्तृत जानकारी प्रदान की, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समय पर कृषि संबंधी सलाह प्राप्त कर सकें.

ग्रीष्मकालीन फसलों की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला की झलक

कार्यक्रम के दौरान किसानों को केवीके प्रक्षेत्र पर लगाए गए ग्रीष्मकालीन फसलों के प्रदर्शन (Demonstration) का भ्रमण भी कराया गया. वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग तकनीक एवं एकीकृत पोषण एवं कीट प्रबंधन की व्यवहारिक जानकारी स्थल पर ही दी गई. किसानों ने प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन कर तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझा तथा अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए.

कार्यक्रम के अंत में बृजेश ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से ग्रीष्म ऋतु की फसलों की उत्पादकता एवं लाभप्रदता बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

English Summary: kvk ujwa delhi workshop on scientific summer crop cultivation 2026
Published on: 17 February 2026, 06:49 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now