Dragon Fruit Farming: ड्रैगन फ्रूट की खेती बना रही है अच्छी आमदनी का स्रोत, जानें लागत और मुनाफा! 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल Success Story: बस्तर की मिट्टी से उभरी महिला एग्रीप्रेन्योर अपूर्वा त्रिपाठी, हर्बल उत्पादों से बना रहीं वैश्विक पहचान Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 6 April, 2026 11:06 AM IST

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के कृषि विज्ञान केंद्र, गुरुग्राम के डॉ. भरत सिंह को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए “प्रतिष्ठित इनोवेटिव रिसर्च अवार्ड" प्रदान किया गया. डॉ. सिंह को यह अवॉर्ड झज्जर, हरियाणा के संस्कारम, यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस “ग्लोबल इम्पैक्ट्स ऑफ सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड वेटरिनरी इनोवेशंस 2026”  के दौरान यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. गुरदियाल सिंह, चांसलर डॉ. महीपाल, आईसीएआर के उपमहानिदेशक (प्रसार) डॉ. आर. के. सिंह व डॉ. कुणाल नरवाल की उपस्थिति में प्रदान किया गया.

डॉ. भरत सिंह के द्वारा गत दशकों में किये गये फसलों में जैविक कीट व समन्वित कीट प्रबंधन के प्रचार प्रसार के सफलतम प्रयोग, आईसीएआर की महत्वपूर्ण परियोजना कृषि क्षेत्र में युवकों को दक्षता प्रदान व आकर्षित के प्रति संचालन तथा अनुसंधान पर आधारित उत्कृष्ट कार्यों हेतु प्रदान किया गया. कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने किसानों की आमदनी वृद्धि करने की दिशा में “मशरूम उत्पादन एक महत्वपूर्ण उद्यम” विषय पर शानदार व्याख्यान दिया तथा सुझाव प्रस्तुत किए कि कृषक समुदाय को किसानी खेती के साथ मशरूम की खेती उद्यम कर प्रति दिन नक़द आमदनी सुनिश्चित करनी चाहिए.

डॉ. भरत सिंह कौन हैं?

गुरुग्राम के शिकोहपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर कार्यरत डॉ. भरत सिंह हमेशा अपने अध्ययन और कार्य के प्रति प्रतिभाशाली रहे, उनका जन्म पूर्वतः ज़िला अलीगढ़ जो कि वर्तमान में हाथरस के गाँव जिरौली (सासनी) में वर्ष 1967 में हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा, ग्रामीण अंचल से हुई. डॉ. सिंह ने बी.एस. सी. कृषि (ऑनर्स) की डिग्री आगरा विश्वविद्यालय से हासिल की एवं एम.एस.सी. कीट विज्ञान, में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से प्राप्त की, तथा पी.एच.डी. की उपाधि एमिटी यूनिवर्सिटी, नॉएडा, (उ.प्र.) पूर्ण की.

डॉ. भरत सिंह ने सरकारी सेवा के क्षेत्र में प्रथमत: भारत सरकार के उपक्रम “केंद्रीय भंडारण निगम” खंडवा (मध्य प्रदेश) में वर्ष 1991-1992 के दौरान कार्य किया, तत्पश्चात कृषि एवं किसान मंत्रालय (भारत सरकार) के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, गंगटोक (सिक्किम) में 6 वर्ष तक जो कि 1992 से 1998 तक समन्वित कीट प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया.

डॉ. सिंह वर्ष 1999 से लगातार पूसा संस्थान, नई दिल्ली के गुरुग्राम जनपद के शिकोहपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कीट वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ (पौध संरक्षण) के पद पर कार्यरत हैं, जहां पर उन्होंने फसल उत्पादन प्रणाली के अंतर्गत समन्वित कीट प्रबंधन तथा कृषक प्रशिक्षणों के माध्यम से दिशा में बेहतरीन कार्यों का संचालन किया गया है.

English Summary: kvk gurugram scientist bharat singh wins innovative research award
Published on: 06 April 2026, 11:09 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now