समस्तीपुर, बिहार. कृषि जागरण एवं आईसीएआर-कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बिरौली, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा के संयुक्त तत्वावधान में 24 जून 2026 को “समृद्ध किसान उत्सव” (किसान मेला) का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में समस्तीपुर जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से 400 से अधिक प्रगतिशील किसानों, कृषि उद्यमियों, वैज्ञानिकों तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया.
इस विशेष आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, जैविक उत्पादों, फसल प्रबंधन एवं कृषि उपयोगी वाहनों की जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे खेती की लागत को कम करते हुए अपनी आय एवं उत्पादकता में वृद्धि कर सकें. कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम नवाचारों, वैज्ञानिक तकनीकों तथा कृषि व्यवसाय से जुड़ी नई संभावनाओं से अवगत कराया गया.
कार्यक्रम में पावर्ड बाय पार्टनर के रूप में जायडेक्स (Zydex) एवं टीवीएस मोटर (TVS Motor) ने सहभागिता की, जबकि सपोर्टिंग पार्टनर्स के रूप में सोमानी सीड्ज़ (Somani Seedz), भारतीय स्टेट बैंक (SBI) तथा इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स (इंडिया) शामिल रहे.
कार्यक्रम स्थल पर उपरोक्त कंपनियों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों ने उत्पादों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. टीवीएस मोटर ने अपने लोकप्रिय TVS XL100 सीरीज के विभिन्न मॉडलों का प्रदर्शन किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. इसके अलावा जायडेक्स, इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स (इंडिया) एवं सोमानी सीड्ज़ ने अपने कृषि उत्पादों और उन्नत बीजों का प्रदर्शन किया, जबकि एसबीआई ने किसानों को कृषि ऋण प्राप्त करने की प्रक्रियाओं, विभिन्न योजनाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जानकारी दी.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण टीवीएस मोटर द्वारा प्रदर्शित TVS XL100 रहा. यह वाहन विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इसकी मजबूत बनावट, अधिक भार वहन क्षमता, बेहतर माइलेज तथा कम रखरखाव लागत इसे किसानों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाती है.
“समृद्ध किसान उत्सव” का शुभारंभ अतिथियों, कंपनी प्रतिनिधियों एवं कृषि वैज्ञानिकों के स्वागत के साथ हुआ. कार्यक्रम में आईसीएआर-कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली के प्रमुख डॉ. आर. के. तिवारी ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
कार्यक्रम में डॉ. रत्नेश कुमार झा, निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने किसानों को कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक खेती के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है.
टीवीएस मोटर की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित नेहा शॉ, ब्रांड मार्केटिंग प्रतिनिधि, ने किसानों को TVS XL100 की विशेषताओं से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि यह वाहन विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. इसकी मजबूती, ईंधन दक्षता एवं अधिक भार वहन क्षमता इसे किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है.
कार्यक्रम में जायडेक्स के प्रतिनिधियों ने किसानों को अपने विभिन्न जैविक एवं कृषि उपयोगी उत्पादों की जानकारी दी. वहीं इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स (इंडिया) एवं सोमानी सीड्ज़ के प्रतिनिधियों ने किसानों को उन्नत बीजों, फसल सुरक्षा तथा आधुनिक कृषि समाधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की.
कार्यक्रम के दौरान किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच एक विशेष संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया. इस सत्र में किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों को वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के समक्ष रखा. विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम आधारित खेती, जल संरक्षण, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. किसानों ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए वैज्ञानिकों से सीधे संवाद किया और अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए.
कुल मिलाकर, “समृद्ध किसान उत्सव” किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ. इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक उत्पादों, उन्नत बीजों तथा कृषि उपयोगी वाहनों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिससे भविष्य में उनकी खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बन सकेगी.
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, कंपनी प्रतिनिधियों एवं किसानों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया. किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के सतत विकास की कामना के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ.