कम बारिश, महंगी खाद और बढ़ती गर्मी: किसानों के लिए क्या है समाधान? Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 2 July, 2026 3:30 PM IST
अब ₹2 लाख तक मिलेगा बिना गारंटी लोन (Image Source- AI generate)

देश के किसानों और पशुपालकों को डेयरी बिजनेस शुरु करने के लिए कई बार पैसों की तंगी होने के कारण लोन लेने की आवश्यकता पड़ जाती है, लेकिन देखा जाता है कि भारी ब्याज होने के कारण किसानों को आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत किसानों और पशुपालकों को मिलेगा ₹2 लाख तक का कोलेटरल (गारंटी) फ्री लोन.

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना?

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) केंद्र सरकार की एक प्रमुख ऋण योजना है, जिसके तहत किसानों और पशुपालकों को कम ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराया जाता है. पहले यह योजना मुख्य रूप से खेती-किसानी तक सीमित थी, लेकिन अब पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को भी इसमें शामिल किया गया है. इस योजना का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को साहूकारों या महंगे निजी ऋण से बचाना तथा उन्हें संस्थागत बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है. समय पर ऋण मिलने से पशुपालक अपने व्यवसाय को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं.

पशुपालकों को क्या मिलेंगे प्रमुख लाभ?

किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पशुपालकों को कई प्रकार की वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹2 लाख तक का कोलेटरल-फ्री लोन मिल सकता है. साथ ही इस ऋण का उपयोग पशुओं के लिए हरा एवं सूखा चारा खरीदने, दवाइयों और टीकाकरण पर खर्च करने, डेयरी संचालन, बकरी पालन, भेड़ पालन, पोल्ट्री फार्मिंग और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है.

इसके अलावा, जो लाभार्थी समय पर ऋण का भुगतान करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से ब्याज सबवेंशन (Interest Subvention) का लाभ भी दिया जाता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर और कम हो जाती है. इससे छोटे और सीमांत पशुपालकों को आर्थिक मजबूती मिलती है.

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

  • डेयरी किसान

  • बकरी पालन करने वाले पशुपालक

  • भेड़ पालन करने वाले किसान

  • पोल्ट्री फार्म संचालक

  • मत्स्य पालन करने वाले किसान

  • स्वयं सहायता समूह (SHG)

  • संयुक्त देयता समूह (JLG)

  • किसान उत्पादक संगठन (FPO)

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

यदि कोई पशुपालक किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहता है, तो उसे आवेदन के समय कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें- आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड, पशुपालन से संबंधित प्रमाण या पशुओं का विवरण और साथ ही बैंक आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है.

कैसे करें योजना में आवेदन?

  • किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया काफी सरल है. इच्छुक पशुपालक निम्नलिखित चरणों का पालन कर आवेदन कर सकते हैं-

  • सबसे पहले आप अपने नजदीकी सरकारी, निजी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा में जाएं.

  • उसके बाद किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें.

  • इसके बाद  फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें.

  • बैंक अधिकारी द्वारा दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा.

  • आवेदन स्वीकृत होने पर किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा.

  • स्वीकृत सीमा के अनुसार ऋण राशि का उपयोग पशुपालन और डेयरी गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Kisan Credit Card Livestock farmers to get Collateral Free loans up to 2 lakh
Published on: 02 July 2026, 04:00 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now