किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी डेवलपमेंटल और रेगुलेटरी पॉलिसी स्टेटमेंट के जरिए जानकारी दी है कि किसान क्रेडिट कार्ड KCC के नियमों में बड़ा बदलाव किया जाएगा. साथ ही आरबीआई के अनुसार, मसौदा निर्देशों पर आम जनता, बैंकों और अन्य हितधारकों से 6 मार्च 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं.
वहीं, यह सुझाव आरबीआई की वेबसाइट के ‘Connect 2 Regulate’ सेक्शन या ईमेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं आसानी पूर्वक.
किसान क्रेडिट कार्ड 4 प्रमुख बदलाव क्या है?
1. फसल अवधि के आधार पर कर्ज
किसानों को फसल अवधि के आधार पर कर्ज मुहैया करवाया जाएगा. साथ ही RBI ने फसल को सीजन की परिभाषा से जोड़ो है और फसलों को दो श्रेणियों में बांटने का प्रस्ताव तय किया है, जिनमें-
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छोटी अवधि की फसल: 12 महीने
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लंबी अवधि की फसल: 18 महीने
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इन नियमों के अनुसार किसानों का लोन और पुनर्भुगतान की समयसीमा को फसल की वास्तविक अवधि से जोड़ा जा सकेगा.
2. KCC की कुल अवधि बढ़ाकर 6 साल
RBI के नए नियम के अनुसार, KCC की अधिकतम वैधता अवधि 6 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है और इसका फायदा उन किसान भाइयों को मिल सकता है, जो लंबी वाली फसलें या बहुवर्षीय कृषि गतिविधियां करते हैं. साथ ही अधिक समयसीमा से इन किसानों को बार-बार कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिल सकती है.
3. ड्रॉइंग लिमिट का वास्तविक लागत से तालमेल
ड्रॉइंग लिमिट (कर्ज सीमा) को हर फसल सीजन की तय लागत के आधार पर निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है. इसका सीधा मतलब है किसान को खेती की वास्तविक लागत के अनुसार ऋण और पुराने अनुमान या स्थिर सीमा से मुक्ति इस बदलाव से किसानों को बीच सीजन में पैसों की कमी से बचाने में मदद कर सकता है. खासकर जब बीज, खाद, डीजल में उतार-चढ़ाव होता है.
4. आधुनिक कृषि खर्चों को शामिल करना
RBI ने तकनीक आधारित खेती और वैज्ञानिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए KCC से निम्नलिखित खर्चों की अनुमति देने का प्रस्ताव है, जो कुछ इस प्रकार है-
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मिट्टी जांच (Soil Testing)
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रियल टाइम मौसम पूर्वानुमान
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ऑर्गेनिक/बेहतर कृषि पद्धतियों का सर्टिफिकेशन
किन बैंकों पर लागू होंगे नियम?
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कमर्शियल बैंक
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क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)
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ग्रामीण सहकारी बैंक
लेखक: रवीना सिंह