Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 24 August, 2020 10:32 AM IST
Jute Cultivation

किसान उच्च गुणवत्ता वाले जूट के बीज का अभाव हमेशा से महसूस करते रहे हैं. अच्छे बीज नहीं मिलने से जूट की खेती भी प्रभावित होती है. किसान बार-बार इसकी शिकायत करते रहे हैं. सरकार किसानों की इस समस्या को अब दूर करने जा रही है. दरअसल भारतीय जूट निगम खुले बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले परिस्कृत बीज छोड़ेगा. जूट निगम व्यवसायिक रणनीति के तहत परिस्कृत बीज बाजार में छोड़ने का निर्णय किया है ताकि किसानों को पैसा देकर खरीदने पर उच्च गुणवत्ता वाला बीज प्राप्त हो सके.बता दें, कि अभी तक वस्त्र मंत्रालय के अधीन विभिन्न राज्यों के जूट आई केयर में पंजीकृत किसानों को सब्सिडी के आधार पर बीज मिलता था. शेष किसान बाजार से निम्न स्तर के जूट का बीज खरीदने के लिए बाध्य होते थे. लेकिन इस बार भारतीय जूट निमग ने सबके लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए 1000 टन बीज बाजार में छोड़ने का निर्णय किया है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कृषि मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय बीज निगम उच्च गुणवत्ता वाला जूट का बीज तैयार करेगा. भारतीय जूट निगम 1000 टन परिस्कृत बीज पूरे देश भर में आपूर्ति करेगा. जिस राज्य में बीज की जितनी मांग होगी उसके अनुसार बाजार में परिस्कृत बीज पहुंचेगा. पश्चिम बंगाल के हिस्से में अधिक मात्रा में परिस्कृत बीज आएगा. इसलिए कि यहां कच्चे जूट की मांग अधिक है. अधिकांश जूट मिलें पश्चिम बंगाल में स्थित होने के कारण यहां कच्चा जूट की मांग हमेशा बनी रहती है. खुले बाजार के अतिरिक्त किसानों संगठनों जैसे एफपीओ और सहकारी समितियों के मार्फत भी परिस्कृत बीज का वितरण होगा. उच्च गुणवत्ता वाले जूट के बीज तलाशने वाले किसानों को अब निराश नहीं होना पड़ेगा.

अगले कृषि मौसम में जूट किसानों को सरकारी स्तर पर तैयार किए गए जूट के बीज प्राप्त होंगे. यह बात दूसरी है कि उन्हें पैसे देकर बीज खरीदने होंगे. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्तर पर तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले बीज से जूट की फसल अच्छी होगी. खर्च भी कम लगेगी और उपज बढ़ेगी. उच्च गुणवत्ता वाले बीज से प्रति हेक्टेयर जूट का उत्पादन बढ़कर 30-32 क्विंटल होगा.

पश्चिम बंगाल में 3500 टन जूट के बीज की जरूरत पड़ती है. किसानों को बाध्य होकर निम्न स्तर के बीज लेकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ती थी. 

लेकिन अब पश्चिम बंगाल के किसान भारतीय जूट निगम से संपर्क कर जरूरत के मुताबिक उच्च गुणवत्ता वाले परिस्कृत बीज खरीद सकते हैं.

English Summary: jci will sell high quality jute seed
Published on: 24 August 2020, 10:37 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now