RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 22 May, 2019 12:37 PM IST

अब भारत के खिलाफ नापाक इरादों को अंजाम देना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा और चीन घूसपैठ से पहले सौ बार सोचेगा. अब सीमा के चप्पे-चप्पे पर हो रही प्रत्येक गतीविधि को भारत अंतरिक्ष से ही देखकर असफल कर देगा. दरअसल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित करते हुए श्रीहरिकोटा से इतिहास रच दिया है. इसरो ने आज पीएसएलवी-सी 46 द्वारा रडार इमेजिंग अर्थ सैटेलाइट (रिसैट-2बी) सफलतापूर्वक लांच कर दिया है।

इसके बारे में बताते हुए इसरो ने कहा कि देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पीएसएलवी रॉकेट ने रिसैट-2बी को लेकर सुबह 5.27 मिनट पर उड़ान भरी। सैटेलाइट का सफल लांच होना देश की सुरक्षा में अहम योगदान है. इसरो ने बताया कि यह सैटेलाइट अंतरिक्ष से ही दुश्मनों की प्रत्येक गतिविधि पर नज़र रखेगा एवं देश के लिए आंखों का का काम करेगा. इससे जहां एक तरफ हम सीमा पर हो रही गतिविधियों को देख सकेंगें वहीं भारतीय सुरक्षा बलों को भी सीमा पर निगरानी रखने में आसानी होगी. इतना ही नहीं इस सैटेलाइट की मदद से हम पाकिस्तान में बने आतंकी शिविरों की गतिविधियों पर नजर रख सकतें हैं.

गौरतलब है कि इस उपग्रह का भार 615 किलोग्राम बताया जा रहा है और इसे प्रक्षेपण के 15 मिनट बाद पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा जाना है। इस उपग्रह को खुफिया निगरानी, कृषि, वन और आपदा प्रबंधन सहयोग के कामों में लाया जा सकता है.

इस बारें में इसरो के चेयरमैन डॉक्टर के. सिवान ने कहा कि आरआईसैट-2बी के बाद, इसरो चंद्रयान-2 पर लगेगा जिसका नौ से 16 जुलाई के बीच प्रक्षेपण का कार्यक्रम तय हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी उस मिशन को लेकर बहुत उत्सुक हैं.

English Summary: isro successfully launched RISAT 2B radar earth observation satellite
Published on: 22 May 2019, 12:39 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now