Sugarcane Farming Tips: वैज्ञानिक ढंग से गन्ने की खेती कर बढ़ाएं उत्पादन Success Story: प्राकृतिक खेती से संजीव कुमार की बदली तकदीर, लागत में आई 60% तक कमी, आमदनी में हुई 40% तक वृद्धि कृषि में मशीनों के उपयोग में STIHL की भूमिका: भारतीय खेती के लिए आधुनिक समाधान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 21 January, 2023 11:47 AM IST
पोषक अनाजों को बढ़ावा दे रही सरकार- कैलाश चौधरी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्थित त्रिपुरावासिनी पैलेस ग्राउंड में आयोजित "अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला:मिलेट्स एंड ऑर्गेनिक" के शुभारंभ समारोह में भाग लिया.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने मिलेट्स एवं ऑर्गेनिक कृषि से सम्बंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कृषि हितेषी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय किसानों से संवाद किया. कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मईकेंद्रीय कृषि राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजेकर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटील सहित कृषि विभाग के अधिकारीस्थानीय जनप्रतिनिधिप्रगतिशील किसान एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रस्ताव पर पूरी दुनिया ने साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के तौर पर मनाने के लिए समर्थन दिया है. अब भारत में पोषक अनाजों की जैविक खेती और खपत को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारें भी काम कर रही हैं.

ये भी पढ़ेंः यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला होगा ख़ास, कृषि उत्पादों को बेचना होगा अब आसान!

मोटे अनाज और जैविक खेती न केवल हमारी सेहत बल्कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए भी बेहद जरूरी हैं. कैलाश चौधरी ने कहा कि कभी हमारे पूर्वजों ने पोषक अनाजों और प्राकृतिक खेती के जरिए ही एक सेहतमंद जीवन जिया है. आज नई पीढ़ी को इनकी अहमियत समझाने और इनके प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पहल की जा रही है. दूसरी तरफ इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती आधारित योजनाएं भी चलाई जा रही हैं.

English Summary: International Trade Fair: Millets & Organic Latest Update
Published on: 21 January 2023, 11:53 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now