Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 27 September, 2023 2:01 PM IST
India’s first Green Hydrogen Fuel Cell Bus started in Delhi

Green Hydrogen Fuel Cell Bus: दिल्ली में देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस की शुरुआत कर दी गई है. इस बस को हरी झंडी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 25 सितंबर क दिखाया.  यह बस राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर में ऑपरेशनल ट्रायल के तौर पर शुरु की गई है.  हरदीप सिहं पुरी ने कहा कि आने वाले समय में हमारे परिवहन का भविष्य ग्रीन हाइड्रोजन पर होगा. भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा सिंक्रोनस ग्रिड है, जो इंटरमिटेंट रिन्यूएबल एनर्जी को के उत्पादन में सक्षम है. इसके साथ ही हम वन नेशन-वन ग्रिड-वन फ्रीक्वेंसी पर काम कर रहे हैं.

बस की खासियत

इस हाइड्रोजन बस में चार सिलेंडर लगाए गए हैं जिनकी क्षमता 30 किलोग्राम है. यह बस एक बार में  350 किमी तक का सफर तय करेगी. इसमें दिए गए चार टैंकों को भरने में 12 से 15 मिनट का समय लगता है. यह ग्रीन हाइड्रोजन बस 100% सस्टेनेबल है और इसको चलाते समय किसी भी प्रकार के प्रदूषण या गैस के उत्सर्जन की समस्या बिल्कुल ही नहीं रहती है. 

हाइड्रोजन: भविष्य का ईंधन

ईंधन के रूप में पहचान बनाने वाली हाइड्रोजन गैस भारत के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक अहम योगदान दे सकती है. आने वाले वर्ष 2050 तक हाइड्रोजन की वैश्विक मांग चार से सात गुना बढ़कर 500-800 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है.  वहीं घरेलू स्तर पर इसकी मांग 2050 तक मौजूदा 6 मिलियन टन से चौगुना होकर 29 मिलियन टन तक पहुंच जाएगा.

ये भी पढ़ें: देश में नहीं बढ़ेगी मसूर के दाल की कीमत! जानें सरकार के पास क्या है विकल्प

मंत्री पुरी ने कहा, हाइड्रोजन और बायो-फ्यूल जैसे उभरते ईंधन अगले दो दशकों में दुनिया की बढ़ती एनर्जी डिमांड ग्रोथ का 25% हिस्सा बनने वाले हैं और इसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय सक्रिय रूप से ग्रीन हाइड्रोजन से संबंधित पहलूओं पर लगातार काम कर रहा है. हमारी सरकार प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों में हाइड्रोजन मिश्रण, इलेक्ट्रोलाइज़र-बेस्ड तकनीकों का लोकलाइजेशन और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए जैव रास्तों को बढ़ावा देने में लगातार काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत क्लीन उर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनने और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की राह पर है.

(साभार: पीआईबी)

English Summary: India’s first Green Hydrogen Fuel Cell Bus started in Delhi
Published on: 27 September 2023, 02:05 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now