MIONP 2.0: भारत में टिकाऊ, प्राकृतिक और लाभकारी खेती की दिशा में ऐतिहासिक पहल! Dragon Fruit Farming: ड्रैगन फ्रूट की खेती बना रही है अच्छी आमदनी का स्रोत, जानें लागत और मुनाफा! PM Kisan की 23वीं किस्त चाहिए? तो जल्द ही करें यह जरुरी काम, वरना अटक जाएगा पैसा! Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 24 April, 2026 5:58 PM IST
दुल्हिन बाजार, पटना में संतुलित उर्वरक उपयोग पर कृषि अनुसंधान परिसर, पटना का जागरूकता अभियान

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर द्वारा 24 अप्रैल, 2026 को पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड अंतर्गत सिलहौरी गांव में “उर्वरकों के संतुलित उपयोग” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं अंधाधुंध उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों, जैसे मृदा की गुणवत्ता में गिरावट, फसल की गुणवत्ता में कमी तथा पर्यावरण प्रदूषण पर प्रकाश डाला।

साथ ही, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर मृदा परीक्षण-आधारित उर्वरक उपयोग को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक मृदा उर्वरता बनाए रखने के लिए गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद, जैव उर्वरक तथा फसल चक्र जैसी समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस कार्यक्रम में कुल 51 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने खेतों के अनुभव साझा किए तथा व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु विशेषज्ञों से चर्चा की। इस संवादात्मक सत्र ने किसानों को उच्च उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. आशुतोष उपाध्याय, टीम लीडर एवं प्रभागाध्यक्ष, भूमि एवं जल प्रबंधन के नेतृत्व में डॉ. शंकर दयाल, डॉ. एस. के. अहिरवाल तथा डॉ. आरती कुमारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में किसानों से अपील की गई कि वे संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाकर कृषि उत्पादकता बढ़ाएं तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

English Summary: Icar Patna Awareness Campaign Balanced Fertilizer use Dulhin bazar
Published on: 24 April 2026, 06:02 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now