Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 1 April, 2025 4:39 PM IST
ICAR-IARI ने 120 वर्षों की कृषि उत्कृष्टता का जश्न मनाया, स्थापना दिवस पर खास कार्यक्रम

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली ने अपने 120वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया. इस मौके पर संस्थान की कृषि क्षेत्र में अद्वितीय योगदानों को उजागर किया गया, जो 1905 में अपनी स्थापना के बाद से भारतीय कृषि के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं. इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों, वैज्ञानिकों, किसानों और छात्रों ने भाग लिया, जो संस्थान के शोध, नवाचार और सतत कृषि विकास की धरोहर पर चर्चा की.

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, इसके बाद ICAR-IARI के निदेशक डॉ. चंद्रशेखर श्रीनिवास राव ने स्वागत भाषण दिया. उन्होंने संस्थान की शोध, शैक्षिक और विस्तार सेवाओं में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया और सार्वजनिक-निजी साझेदारी, प्रौद्योगिकी विकास और पर्यावरणीय स्थिरता में इसके योगदान पर बल दिया.

ICAR के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी.के. यादव ने ICAR-IARI के कृषि अनुसंधान में अग्रणी योगदान और उसके किसान समुदाय तथा राष्ट्रीय विकास पर प्रभाव की सराहना की. कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण था प्रोफेसर रमेश चंद, सदस्य, नीति आयोग द्वारा दिया गया स्थापना दिवस भाषण. उन्होंने भारतीय कृषि के सामने उभरते हुए चुनौतियों और अवसरों पर बात की और खाद्य सुरक्षा और स्थिरता के लिए अनुसंधान-आधारित नीतियों की अहमियत को रेखांकित किया.

इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, उसके बाद विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदानों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया:

  • कर्मचारियों के बच्चों के लिए शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार
  • स्कूल बच्चों और IARI के यूजी एवं पीजी छात्रों के बीच साहित्यिक प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान.
  • ICAR-IARI के वैज्ञानिकों, तकनीकी, प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की असाधारण उपलब्धियों को सराहा गया.
  • प्रतिष्ठित वक्ता प्रोफेसर रमेश चंद को सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम का समापन ICAR-IARI के संयुक्त निदेशक (विस्तार) डॉ. आर.एन. पदरिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ, जिसमें उन्होंने सभी dignitaries, आयोजकों और भागीदारों का आभार व्यक्त किया. ICAR-IARI अपने 121वें वर्ष में प्रवेश करते हुए कृषि अनुसंधान में नवाचार, भारत के किसानों की ताकत को मजबूत करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है.

English Summary: Icar- iari celebrates 120 years agricultural journey honours innovations achievements
Published on: 01 April 2025, 04:45 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now