Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 1 April, 2020 4:50 PM IST

जहां एक तरफ कोरोना वायरस के कहर से देश परेशान है, वहीं बिहार राज्य के एकमात्र अनानास उत्पादक क्षेत्र ठाकुरगंज के किसानों की कमर टूटती जा रही है. दिन-रात मेहनत करके तैयार की गई अनानास की फसल बेचने में किसान असमर्थ हैं.

बता दें, ठाकुरगंज में लगभग 5,000  हेक्टेयर भूमि पर अनानास की खेती होती है. अनानास उत्पादन में 100 से ज्यादा किसान व हजारों खेतिहर मजदूर प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं. इस क्षेत्र में फलों की बिक्री के लिए एक मात्र मंडी विधाननगर में है. जो पश्चिम बंगाल के सीमा से सटी हुई है. बता दें, लॉकडाउन के चलते अनानास खरीद करने वाले व्यापारी मंडी नहीं पहुंच रहे हैं.  क्षेत्र के सखुआडाली, कुकुरबाघी, भातगांव, पथरिया, बेसरबाटी, चुरली, कनकपुर, पटेशरी आदि पंचायतों में लगभग 5000 हेक्टेयर भूमि में उत्पादित अनानास के किसानों को वाहन परमिट नहीं मिला है. यही कारण है कि यहां के किसान अनानास बजार नहीं पहुंचा पा रहे हैं.  अब किसानों का अनानास खेत में ही पक रहे हैं, यदि एक सप्ताह के भीतर खेत से अनानास फल को नहीं निकाला गया तो फल पक कर खेत में ही नष्ट हो जाएंगे.

ठाकुरगंज क्षेत्र के अनानास उत्पादक किसान आलोक लाहिड़ी, जयप्रकाश सिंह, वासुदेव प्रसाद सिंह, सुबोध शंकर सिंह, अरुण सिंह, प्रमोद कुमार साह, अनिल साह, महेंद्र साह आदि का कहना है कि कोरोना के चलते दिल्ली, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, कोलकाता, मेरठ आदि स्थानों के व्यापारी यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं. जिस कारण विधाननगर मंडी  सूनी पड़ी हुई है. बता दें, इस क्षेत्र का अनानास देश के कोने-कोने तक पहुंचता है.  लेकिन  हालात ये हैं कि किसानों के अनानास खेतों में ही सड़ रहे हैं.

किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए जिससे व्यापारी मंडी में आकर अनानास की खरीद कर बाहर ले जा सकें. फिलहाल अभी अनानास जैसे फलों के भण्डारण के लिए जिले में कोई व्यवस्था भी नहीं है. इस स्थिति में लगभग 5,000 हेक्टेयर जमीन के अनानास जमीन पर ही सड़  जाएंगे.

English Summary: How did pineapple growers reach the brink of ruin?
Published on: 01 April 2020, 04:54 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now