हरियाणा के किसानों के लिए आय बढ़ाने का बड़ा अवसर सामने आ रहा हैं. पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब मधुमक्खी पालन (Beekeeping) तेजी से एक लाभदायक सहायक व्यवसाय के रूप में उभर रहा है. साथ ही राज्य सरकार किसानों को मधुमक्खी पालन से जुड़े उपकरणों और इकाइयों पर 75 से 85 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के रास्ते खुल गए है. आइए आगे की कड़ी में जानें योजना के बारे में पूरी जानकारी.
क्यों खास है मधुमक्खी पालन?
मधुमक्खी पालन अब केवल शहर उत्पादन तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बिजनेस किसानों के लिए “डबल इनकम मॉडल” बन गया है. एक तरफ किसान शहद व अन्य उत्पादों की बिक्री से अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ मधुमक्खी पालन फसलों के परागण में भी मदद करती है, जिससे पैदावार में इजाफा होता है. यानी की जिन खेतों में मधुमक्खी पालन किया जाता है, वहां उत्पादन में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
सरकार दे रही भारी अनुदान
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका उच्च सब्सिडी रेट है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी इस व्यवसाय को सुलभ बनाता है. सरकार ने मधुमक्खी पालन से जुड़े विभिन्न घटकों के लिए अलग-अलग सहायता तय की है, जो कुछ इस प्रकार है-
मधुमक्खी बक्से (Bee Boxes)
प्रति बॉक्स लागत ₹2,250 निर्धारित की गई है, जिस पर किसानों को लगभग ₹1,707 तक का अनुदान दिया जा रहा है. यानी एक किसान अधिकतम 50 बॉक्स तक इस सुविधा का लाभ ले सकता है.
मधुमक्खी कॉलोनी (Bee Colony)
सरकार ने 8 फ्रेम वाली कॉलोनी की लागत ₹2,000 तय की है, जिस पर किसानों को करीब ₹1,700 तक की सब्सिडी मिलती है. इसकी अधिकतम सीमा भी 50 कॉलोनियों तक रखी गई है.
आधुनिक उपकरण (Equipment)
मधुमक्खी पालन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की लागत ₹18 से लेकर ₹21,280 तक है. इन पर किसानों को ₹11 से ₹14,250 तक की सहायता दी जा रही है. यानी की साफ है किसान इस बिजनेस को अपनाकर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए बहुत बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती. सरकार की सब्सिडी के चलते शुरुआती लागत काफी कम हो जाती है. इसके अलावा, शहद, बीवैक्स (Beeswax), रॉयल जेली और अन्य उत्पादों की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. ऐसे में किसान भाई खेती-बाड़ी के साथ अगर इस बिजनेस को अपनाते हैं, तो तगड़ा मुनाफा कमा अपनी आमदनी में इजाफा कर सकते हैं.
कैसे उठाएं योजना का लाभ?
अगर आप भी इस बिजनेस की शुरूआत करने की सोच रहे हैं और इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो किसान भाई अपने जिले के उद्यान अधिकारी से मिलकर योजना की पूरी जानकारी लें सकते हैं और योजना में आसानी से आवेदन कर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं.
इसके अलावा, किसान आवेदन करने के दौरान आधार कार्ड, जमीन से जुड़े कागजात और बैंक विवरण जैसे जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें, ताकि आवेदन करने के बाद किसी रुकावट का सामना न करना पड़ें.
लेखक: रवीना सिंह