मध्य प्रदेश सरकार किसानों के लिए कई सरकारी योजना चला रही है, जिसके तहत राज्य के किसानों को बेहद फायदा हो रहा है और अब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खेती को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है कि राज्य में समर्थन मूल्य पर किसानों से गेंहू की खरीद पर आवेदन जारी है. ऐसे में अगर अभी तक आपने अपनी फसल के लिए इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, तो जल्द ही रजिस्ट्रेशन करा लें, क्योंकि आखिरी तारीख भी बस करीब है.
मध्य प्रदेश में कितने पंजीयन केंद्र बनाए है ?
राज्य के किसानों के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने बताया कि किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था पर हमने बेहद ही ध्यान दिया है, ताकि किसान भाइयों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़ें. साथ ही ऐसे में सरकार ने कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए है, जिनमें इंदौर संभाग में 27 हजार 175, उज्जैन में 73 हजार 398, ग्वालियर में 3358, चम्बल में 1449, जबलपुर में 12 हजार इसके अलावा, अन्य ओर भी जिलों में सरकार ने केन्द्र की व्यवस्था की है.
साथ ही किसान भाई यह जान लें कि इन केन्द्रों पर पंजीयन की 7 मार्च तक जारी रहेगा, जितना जल्दी हो सकें करवा लें.
गेंहू की फसल पर MSP मूल्य कितना मिलेगा?
राज्य सरकार अपने स्तर पर प्रदेश के किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजना लेकर आती रहती है, ताकि किसानों की आमदनी में इजाफा हो सकें और इसी दिशा में केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रूपये प्रति क्विंटल किसानों के लिए बढ़ाया गया, ताकि क्षेत्र के किसानों को गेंहू की फसल पर अच्छे दाम मिल सकें.
बता दें कि सरकार के इस कदम में किसानों को बेहद ही लाभ पहुंचा है, क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले वर्ष से करीबन 160 रुपये अधिक है.
कहां करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन?
गेंहू उपार्जन के लिए किसान भाई इन जगहों के जरिए बिल्कुल ही निशुल्क पंजीयन करा सकते हैं-
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अपने गांव की ग्राम पंचायत द्वारा.
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जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर जाकर सरल तरीकों से पंजीयन करा सकते हैं.
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तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्रों के जरिए साथ ही इन जगहों पर किसानों से कोई रजिस्ट्रेशन फीस चार्ज नहीं की जाएगी.
इसके अलावा, किसान भाई इन जगहों पर पंजीयन कराते हैं, तो यहां उनसे रजिस्ट्रेशन फीस चार्ज की जाएगी, जिनमें एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे. यहां अगर किसान गेंहू उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो यहां उन्हें फीस भरनी होगी.
लेखक: रवीना सिंह