टिकाऊ कृषि के माध्यम से जायडेक्स कर रहा एक हरित भविष्य का निर्माण बाढ़ से फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगा ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा, 5 सितंबर 2025 तक करें आवेदन बिना गारंटी के शुरू करें बिजनेस, सरकार दे रही है ₹20 लाख तक का लोन किसानों को बड़ी राहत! अब ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर मिलेगी 80% सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का लाभ जायटॉनिक नीम: फसलों में कीट नियंत्रण का एक प्राकृतिक और टिकाऊ समाधान Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 29 August, 2025 12:31 PM IST
किसानों के लिए सरकारी सब्सिडी योजनाएँ

केंद्र और राज्य सरकारें अब खेती और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिनमें किसानों को 40 प्रतिशत तक का अनुदान मिल रहा है. यह अनुदान विशेष रूप से उन किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जा रहा है जो सब्जियों, तेल बीजों, बागवानी और उच्च तकनीकी खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं.

हालांकि कई किसान इन योजनाओं का लाभ उठा भी रहे हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई अब भी इससे वंचित हैं. इसका असर फसल उत्पादन पर भी देखा जा रहा है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इन योजनाओं के बारे में जानकारी लें और अधिक से अधिक फायदा उठाकर अपनी आय में बढ़ोतरी करें.

किसानों को तिलहन फसलों के लिए किया जा रहे प्रोत्साहित

बीकानेर जिले में इन योजनाओं को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कृषि विभाग के सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत के अनुसार, केंद्र सरकार ने नेशनल मिशन फॉर ऑयलसीड्स एंड ऑयल पाम के तहत किसानों को सरसों और मूंगफली जैसी तिलहन फसलों के लिए प्रोत्साहित किया है. यदि कोई किसान 10 टन की तेल प्रसंस्करण इकाई लगाता है, तो उसे 9.90 लाख रुपये तक का अनुदान मिलता है.

यह योजना न केवल फसल के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक है, बल्कि स्वदेशी तेल उत्पादन को बढ़ावा देने में भी मददगार है.

कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास

बीकानेर जिले में कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं, श्री अन्न योजना के अंतर्गत मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है. राज्य सरकार ने पंच गौरव योजना में मोठ की खेती को भी शामिल किया है, ताकि इसके उत्पादन को बढ़ाकर किसानों को आर्थिक लाभ मिल सके.

बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं

उन्नत बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं चलाई जा रही हैं. ARKVV योजना के तहत खजूर की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है. राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत आंवला, बेर, पपीता जैसी फसलों पर 75 हजार रुपए की लागत पर 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है. इसके अलावा संतरा, किन्नू, नींबू और अनार जैसी फसलों की खेती पर 1.25 लाख रुपए की लागत पर 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है.

उच्च संघनता बगीचे लगाने पर किसानों को 2 लाख रुपए तक की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलता है. इससे बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ

किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ उठा सकते हैं. इस योजना के तहत खरीफ फसलों पर 2 प्रतिशत, रबी फसलों पर 1.5 प्रतिशत, और व्यावसायिक फसलों पर 5 प्रतिशत प्रीमियम देय होगा. यह योजना प्राकृतिक आपदाओं और अन्य जोखिमों से किसानों को सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई है.

इसके अलावा, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत बीकानेर जिले में 120 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में 75 किसानों को प्राकृतिक खेती का लाभ दिया जा रहा है. यह मिशन किसानों को रासायनिक रहित खेती के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे स्वस्थ फसल उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहे.

पॉलीहाउस योजना का लाभ

उच्च तकनीकी उद्यानिकी के अंतर्गत, बीकानेर के 30 किसानों को पॉलीहाउस योजना का लाभ दिया जा रहा है. पॉलीहाउस खेती में कम पानी, नियंत्रित जलवायु और उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त होती है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है.

English Summary: government subsidy schemes for farmers 40 percent grant on crops horticulture and farming equipment in Rajasthan
Published on: 29 August 2025, 12:34 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now