देश में मशरुम की खेती लगभग हर किसान कर रहा है, क्योंकि यह एक ऐसी फसल है, जिसकी मांग बाजारों में हमेशा बनी रहती है और मशरुम की कीमत भी अच्छी मिल जाती है, जिससे किसानों की आमदनी भी अच्छी हो जाती है. इसी क्रम में यूपी सरकार मुरादाबाद के किसानों को मशरुम की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ भारी सब्सिडी भी प्रदान कर रही है. ऐसे में अगर किसान जून-जुलाई के गर्म और उमस भरे मौसम में मिल्की मशरूम Milky Mushroom की खेती करते हैं, तो अच्छी इनकम कमा सकते हैं.
मिल्की मशरूम (Milky Mushroom)
मिल्की मशरूम (दूधिया मशरूम - Calocybe indica) की किस्म किसानों के लिए सही विकल्प साबित हो सकती है, क्योंकि यह किस्म जून-जुलाई के गर्म और उमस भरे मौसम लिए एक बेहतरीन विकल्प है. यह उच्च तापमान 25°C से 38°C में अच्छी तरह बढ़ता है, जिससे यह बटन मशरूम के बाद गर्मियों में आय का एक अच्छा जरिया बनता है.
सालभर रहती है बाजार में मांग
मशरूम एक ऐसी फसल है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और घरेलू उपयोग में इसकी खपत लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि किसान इसे उगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. बाजार में मशरूम की कीमत भी स्थिर रहती है, जिससे किसानों को जोखिम कम और लाभ अधिक मिलता है.
कम लागत में ज्यादा फायदा
किसानों के लिए मशरूम की खेती मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है, क्योंकि यह बहुत कम लागत में शुरू किया जा सकता है. खेत की आवश्यकता भी बहुत ज्यादा नहीं होती, बल्कि छोटे कमरे या शेड में भी इसका उत्पादन किया जा सकता है. इसके अलावा यह फसल 20 से 30 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है, जिससे किसान जल्दी-जल्दी उत्पादन लेकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.
कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?
किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा मशरूम उत्पादन पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान कर रहा है. यदि कोई किसान मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित करता है, तो उसे कुल लागत का बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाएगा. इससे किसान भाइयों का निवेश कम हो जाएगा और किसान आसानी से मशरुम की खेती शुरु कर सकते हैं.
विभाग की मदद से बढ़ रहा रुझान
जिला उद्यान विभाग किसानों को मशरूम खेती के लिए जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहा है. विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधनों की जानकारी दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में किसान इस खेती की ओर आकर्षित हुए हैं और कई किसानों ने इसे अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है.
रजिस्ट्रेशन जरूरी
मशरूम खेती के लिए सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले उद्यान विभाग में पंजीकरण कराना होगा. इसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, खसरा-खतौनी आदि जमा करने होते हैं और पंजीकरण के बाद ही किसानों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दोनों मिल जाती है.
लेखक: रवीना सिंह