केंद्र सरकार देश के पशुपालाकों के लिए कई सरकारी योजना चला रही है, जिसके तहत कई पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है. इसी क्रम में सराकार पशुपालकों के लिए नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) योजना लेकर आई है, जिसके तहत सुअर पालन पर पात्र लाभार्थियों को सरकार की ओर से 30 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी. इस मदद से पशुपालकों की इनकम में भी इजाफा होगा और रोजगार के अवसर भी खुलेंगे.
नेशनल लाइवस्टॉक मिशन योजना क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई नेशनल लाइवस्टॉक मिशन योजना बेहद की प्रमुख योजनाओं में से एक है और इस योजना को पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा चलाया जा रहा है. इस सरकारी योजना का उद्देश्य है पशुपालन, मुर्गीपालन, सुअरपालन और चारा क्षेत्र में उद्यमिता विकास के माध्यम से रोजगार सृजन और इसके अलावा, नस्ल सुधार के माध्यम से प्रति पशु उत्पादकता में वृद्धि करने के उद्देश्य के साथ यह योजना चलाई जा रही है.
सुअर पालन पर कितना मिलेगा अनुदान?
अगर आप पशुपालक है और सुअर पालन करने का बिजनेस करने का विचार बना रहे हैं, तो यह बिजनेस आपके लिए सही विकल्प साबित हो सकता है. केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई नेशनल लाइवस्टॉक मिशन योजना के तहत पशुपालकों को वित्तीय सहायता दी जाएगी.
बता दें कि अगर आप इस बिजनेस की शुरुआत कर रहें और सुअर यूनिट लगा रहे हैं, तो इस योजना के तहत आपको 50% सब्सिडी की छूट मिलेगी. यानी पशुपालकों को 30 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता मिलेगी और यह राशि सरकार सीधे पशुपालकों के बैंक खाते में भेंजेगी.
योजना का लाभ किसे मिलेगा?
केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई नेशनल लाइवस्टॉक मिशन योजना का फायदा केवल पशुपालक ही नहीं, बल्कि किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्टार्टअप और उद्यमी भी इस योजना का लाभ लें सकते हैं और अपना खुद का बिजनेस शुरु कर सकते हैं.
क्या है जरुरी दस्तावेज?
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आधार कार्ड
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पहचान पत्र
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बैंक खाता विवरण
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जमीन से जुड़े दस्तावेज
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प्रोजेक्ट रिपोर्ट
ऐसे करें आवेदन
अगर आप भी इस सरकारी योजना का फायदा उठाना चाहते हैं तो इन आसान तरीकों से माध्यम से आवेदन कर सकते हैं-
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सबसे पहले आप नेशनल लाइवस्टॉक मिशन की आधिकारिक वेबसाइट https://dahd.gov.in/hi/schemes/programmes/national_livestock_mission पर जाए.
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उसके बाद आप आगे रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन करें.
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इसके बाद आपको कई विकल्प नजर आएंगे उसमे से आप पिग फार्मिंग से संबंधित परियोजना को चुनें.
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उसके बाद अपने सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर दें.
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इस पूरी प्रक्रिया के बाद अपना आवेदन सबमिट कर दें इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाएगी और आपको सब्सिडी प्रदान की जाएगी.
लेखक: रवीना सिंह