Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 4 January, 2022 4:06 AM IST
Bhakra Vyas Management Board

खेतों में फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए पानी की अहम भूमिका होती है. अगर पानी की कमी हो जाये, तो फसलों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है. फसलें पूर्णरूप से बर्बाद हो जाती हैं. ऐसे ही एक संकट राजस्थान के किसानों पर आने वाला है.

दरअसल, इस वर्ष कम बारिश होने की वजह से डैम में पानी की कमी होने से नहरों में पानी की भारी कमी पड़ रही है. इसी बीच भाखरा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (Bhakra Vyas Management Board) के अधिकारीयों ने राज्य में नहर में पानी छोड़ने के लिए मना कर दिया है. अब राजस्थान के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए आने वाले समय में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

बता दें कि राज्य के पश्चिमी हिस्से के किसान इंदिरा गांधी नहर परियोजना पर सिंचाई के लिए निर्भर रहते हैं. वहीं, कांगड़ा का पोंग डैम में राजस्थान 50 प्रतिशत हिस्सा आता है और इस डैम का पानी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के किसान सिंचाई के लिए उपयोग करते हैं.

इस खबर को पढ़ें - Vegetable Irrigation: किसान सब्जियों की खेती में सिंचाई कब और कैसे करें, पढ़ें पूरी जानकारी

मैनेजमेंट बोर्ड के अधिकारियों की बैठक में बताया गया कि अगर बारिश होती है, तो बोर्ड अपने निर्णय पर विचार करेगा. वरना 12 जनवरी से राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में खासकर हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

ट्यूबवेल पर होंगे निर्भर (Depend On Tube Wells)

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि  आने वाले महीनों में रबी फसलों की सिंचाई का समय शुरू हो जायेगा. ऐसे में सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता पड़ेगी, लेकिन पानी की कमी होने की वजह से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था करनी होगी. उन्हें अब ट्यूबबेल के सहारे ही खेत में सिंचाई का कार्य करना होगा.

English Summary: from january 12, farmers will face water shortage, there will be problem in irrigation work
Published on: 04 January 2022, 05:40 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now