दिल्ली वालों को रेखा गुप्ता ने बड़ी सौगात दी है. इस सौगात में राजधानी के गरीब और राशन कार्ड धारकों को मुफ्त सिलेंडर मुहैया करवाया जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली कैबिनेट ने त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत पात्र परिवारों को होली और दिवाली पर साल में दो बार एलपीजी सिलेंडर की कीमत (853 रुपये) सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाएगी.
बता दें कि सरकार ने इस योजना के लिए 242 करोड़ रुपये का बजट पास किया है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इस योजना में सिर्फ एलपीजी ही नहीं, बल्कि पीएनजी (PNG) कनेक्शन वाले पात्र परिवारों को भी शामिल किया गया है.
क्या है मुफ्त गैस सिलेंडर योजना का मकसद?
दिल्ली सरकार ने इस योजना की शुरुआत इस मकसद के साथ की है, क्योंकि रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है. त्योहारों के समय खर्च बढ़ जाता है, ऐसे में यह योजना परिवारों के बजट पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगी.
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
दिल्ली सरकार ने साफ-साफ यह कह दिया है कि इस योजना का लाभ उन लोगों को ही मिलेगा, जिनके राशन कार्ड वैध है. वहीं, इस योजना के असली हकदार होगे. साथ ही यह योजना खासकर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए तैयार की गई है और इसके अलावा, जिन परिवारों के पास एलपीजी कनेक्शन के बजाय पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें भी इस योजना के दायरे में रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका फायदा पहुंच सके.
पैसा पाने के लिए क्या होंगी जरूरी शर्तें?
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लाभार्थी के पास दिल्ली का वैध राशन कार्ड होना चाहिए.
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बैंक खाता आधार से जुड़ा होना जरूरी है.
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गैस कनेक्शन उसी व्यक्ति के नाम पर होना चाहिए, जिसका नाम राशन कार्ड में दर्ज है.
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बैंक खाते की केवाईसी पूरी और अपडेट होनी चाहिए.
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राशन कार्ड और गैस कनेक्शन में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए, ताकि DBT में कोई रुकावट न आए.
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साथ ही आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है.
कैसे मिलेगा 853 रुपये का फायदा? जानें पूरी प्रक्रिया
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सबसे पहले लाभार्थी को पहले की तरह अपनी गैस एजेंसी से सिलेंडर बुक करना होगा.
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उसके बाद सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ता को पूरी कीमत का भुगतान करना होगा.
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इसके बाद गैस कंपनी उपभोक्ता का डेटा सरकार को भेजेगी.
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फिर सरकार द्वारा पात्रता की जांच के बाद 853 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.
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इस तरह, उपभोक्ता को सिलेंडर के पैसे पहले देने होंगे, लेकिन कुछ ही समय में वह राशि वापस उनके खाते में आ जाएगी.
लेखक: रवीना सिंह