Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 6 October, 2023 5:02 PM IST

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित मंगलायतन विश्वविद्यालय के कृषि संकाय द्वारा नरेंद्र शिवानी किस्म की पांच फीट लंबी लौकी उगाई गई है. प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने लौकी का ऐसा बीज तैयार किया है, जिसके पैदावार से किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कुलपति प्रो. पीके दशोरा, प्रति कुलपति प्रो. सिद्दी विरेशम, कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने कृषि संकाय के अध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार के साथ लौकी का अवलोकन किया.

कितनी है लौकी की लंबाई? 

कुलपति ने लौकी की लंबाई और चौड़ाई की नाप करवाई. एक लौकी की लंबाई चार फुट आठ इंच है और मोटाई लगभग नौ इंच है. लौकी की अभी और लंबाई बढ़ने की उम्मीद है. कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में यह लौकी किसानों को जागरूक करने एवं शुद्ध बीज तैयार करने के लिए उगाई जा रही है. कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय किसानों को जागरूक करने के साथ उन्हें उन्नत किस्मों से बेहतर लाभ कमाने के लिए प्रशिक्षित करेगा.  

ये भी पढ़ें: लौकी की हाइब्रिड किस्मों की बुवाई देगी बंपर पैदावार, पढ़िए उनकी खासियत

कब होगा लौकी का बीज तैयार?

विभागाध्यक्ष ने जानकारी देते हुआ कहा कि इस लौकी की फसल की बुवाई जुलाई माह में की गई थी. इस लौकी की किस्म का औसत उत्पादन 700 से 800 कुंतल प्रति हेक्टेयर है. अगर इसके स्वाद व पोषक तत्व की बात करें तो ये दूसरी प्रजातियों के समान ही होता है. दिसंबर तक इसका बीज तैयार हो जाएगा. इस शुभ अवसर पर डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. विकास यादव, डॉ. शारदा दुबे, डॉ. पुष्पा यादव, डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. मयंक प्रताप आदि मौजूद थे.

English Summary: five feet tallest bottle gourd maximum length of bottle gourd height
Published on: 06 October 2023, 05:24 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now