Success Story: बस्तर की मिट्टी से उभरी महिला एग्रीप्रेन्योर अपूर्वा त्रिपाठी, हर्बल उत्पादों से बना रहीं वैश्विक पहचान 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल कृषि में मशीनों के उपयोग में STIHL की भूमिका: भारतीय खेती के लिए आधुनिक समाधान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 17 March, 2026 4:55 PM IST
सोलर ड्रायर से किसान कमाएगा डबल मुनाफा

बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने के संकल्प के साथ बिहार सरकार किसानों को कटाई के बाद प्रबंधन के लिए निरंतर सशक्त कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की जलवायु और यहां की विविध फसलों जैसे टमाटर, प्याज, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, करेला, हल्दी, मशरूम आदि के लिए उपयोगी सोलर क्रॉप ड्रायर एक क्रांतिकारी समाधान के रूप में उभर रहा है।

यादव ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों की बर्बादी रोकना और उन्हें अपनी उपज का मूल्य निर्धारक बनाना है। उन्होंने बताया कि फसलोत्तर प्रबंधन योजनान्तर्गत बिहार सरकार सोलर ड्रायर की स्थापना पर विशेष प्रोत्साहन दे रही है। 100 किलोग्राम क्षमता वाले सोलर ड्रायर की अनुमानित लागत 3,50,000 रुपये है, जिस पर 1,40,000 रुपये अनुदान का प्रावधान किया गया है।

मंत्री ने कहा कि सोलर ड्रायर के भीतर नियंत्रित तापमान पर फसल को सुखाने से उसका प्राकृतिक रंग, स्वाद और सुगंध बरकरार रहती है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होती है और वह प्रीमियम मार्केट तथा निर्यात के लिए अधिक उपयुक्त बनता है। उन्होंने कहा कि खुले में सुखाने के दौरान धूल, बारिश, नमी और फफूंद से जो नुकसान होता है, सोलर ड्रायर उस जोखिम को काफी हद तक समाप्त कर देता है। इस तकनीक से 30 से 40 प्रतिशत तक फसल की बर्बादी रोकी जा सकती है।

यादव ने कहा कि अब किसान बाजार में कम दाम मिलने पर फसल बेचने को मजबूर नहीं होंगे। सोलर ड्रायर के माध्यम से फसल को सुखाकर सुरक्षित रखा जा सकेगा और उपयुक्त समय पर अधिक कीमत पर बेचा जा सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें अपनी उपज के बेहतर विपणन का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा अवसर लेकर आई है। सोलर ड्रायर के माध्यम से स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं, जहां मूल्य संवर्धन के साथ विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे गांवों में ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही राज्य की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि हमारे किसान कड़ी मेहनत कर अच्छी पैदावार तो कर लेते हैं, लेकिन भंडारण और सही प्रसंस्करण तकनीक के अभाव में उनकी मेहनत का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है। ऐसे में सोलर क्रॉप ड्रायर केवल एक मशीन नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच है।

उन्होंने किसानों, महिला समूहों और ग्रामीण युवाओं से अपील की कि वे इस तकनीक को अपनाएं और सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे प्रोत्साहन का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।

English Summary: Farmers Will Earn Double Profits with Solar Dryers Crops Will No Longer Ram Kripal Yadav
Published on: 17 March 2026, 05:01 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now