जायडेक्स की जायटॉनिक और भूमि उत्पाद श्रंखला: आधुनिक कृषि में लाभ बढ़ाने का वैज्ञानिक मार्ग Dragon Fruit Farming: ड्रैगन फ्रूट की खेती बना रही है अच्छी आमदनी का स्रोत, जानें लागत और मुनाफा! Success Story: बैंगनी धान और गेहूं की खेती से किसानों की बदली तक़दीर, प्रति हेक्टेयर हो रही 1,60,000 रुपये तक की आमदनी! Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 29 December, 2025 11:53 AM IST
बलिया, उत्तर प्रदेश किसानों को खाद और बीज के लिए अब ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा

बलिया, उत्तर प्रदेश किसानों को खाद और बीज के लिए अब ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। साधन सहकारी समितियां पर खाद और बीज लेने के लिए किसानों को आधार कार्ड और खतौनी भी ले जाने की जरूरत नहीं होगी सहकारिता विभाग के तरफ से सदस्यता ग्रहण करने वाले किसान का पासबुक बनाया जा रहा है। इसमें किसानों की भूमिका विवरण ऑनलाइन होगा और एक क्लिक में सब जानकारी मिल जाएगी।

किसान ने सीजन में कितनी बोरी खाद का उत्थान किया है यह भी पता चल जाएगा। शासन स्तर से उसी हिसाब से समितियां पर खादों का आवंटन भी होगा। इसके साथ ही पासबुक के माध्यम से सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। जिले में 162 समितियां हैं फलिहाल 132 समितियां का संचालन किया जा रहा है। शासन के तरफ से 30000 किसानों की सदस्यता ग्रहण करने का लक्ष्य रखा गया है।। अभी तक सहकारिता विभाग के तरफ से 22000 किसने की सदस्य बनाया जा चुका है।

इसमें उनकी कृषि भूमि के रकबे समेत अन्य पूरी जानकारी होगी।, जिसके माध्यम से किसानों को सुविधा प्रदान की जाएगी। अब पुराने सदस्यता ग्रहण करने वाले किसान को भी इसका लाभ मिलेगा। एआर,एलबी मल मैं बताया कि सरकार की तरफ से समितियां पर किसानों को सदस्य बनाने का कार्य चल रहा है। जिले में लगभग 50000 से अधिक किसानों को खाद वह बीज का लाभ समितियां पर लाभ मिलता है।

साधन सहकारी समिति बलिया, उत्तर प्रदेश

30000 के सापेक्ष अभी तक 22000 किसानों ने ली है सदस्यता

90 समितियां पर क्यूआर कोड से अब होगा भुगतान।

साधन सहकारी समितियां भी ऑनलाइन होने लगी है। समय के साथ समितियां को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। जन सेवा केंद्र के संचालन के साथ हीअब क्यूआर कोड से भुगतान भी किसान कर सकते हैं। ऐसे में अब खाद बीज लेने के बाद नगद भुगतान से मुक्ति मिल जाएगी।

एआर ने बताया कि किसानों को अब नगद भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे क्यूआर कोड से भुगतान कर सकते हैं। 90 समितियां पर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

लेखक - रबीन्द्र नाथ चौबे, ब्यूरो चीफ, कृषि जागरण, बलिया, उत्तरप्रदेश।

English Summary: Farmers receive passbooks cooperative societies no problems with fertilizers and seeds the data will be available online
Published on: 29 December 2025, 12:03 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now