Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 9 May, 2020 1:44 PM IST

कोरोना के कहर को देखते हुए पंजाब-हरियाणा से लाखों मजदूर पहले ही अपने राज्यों में पलायन कर चुके हैं. रही-सही कसर यातायात पर पाबंदी और लॉकडाउन ने पूरी कर दी है, ऐसे में किसानों को भारी नुकसान हो रहा है.

पंजाब हरियाणा में इस समय फिलहाल ना तो किसानों को ट्रांसपोर्ट मिल रहे हैं और ना ही मजदूर. अगर किसी तरह फल-सब्जियां मंडियों तक पहुंच भी रही है, तो वहां ग्राहकों की भीड़ न के बराबर ही है. व्यापारियों ने भी खेतों में आकर सब्जियां खरीदना बंद कर दिया है.

सबसे बड़ी दिक्कत तो यही है कि टैम्पो, ट्रैक्टर वालों को पुलिस कहीं आने-जाने नहीं दे रही. क्रय केंद्रों पर गेहूं आदि उपज को लेकर जाना या उनके लिए पर्ची बनवाना लॉकडाउन में आसान नहीं है. बाजार नहीं लगने के कारण सीमांत किसानों पर आफत आन पड़ी है.

फसल कटाई में हो रही है दिक्कत

ध्यान रहे कि सब्जियों की तुड़ाई-कटाई और खुदाई के लिए हरियाणा-पंजाब के किसान प्रवासी मजदूरों का सहारा लेते हैं. लेकिन अब लॉकडाउन के कारण श्रमिकों का अभाव उन्हें खलने लगा है. किसी तरह अगर फसलों की तुड़ाई-कटाई हो भी जाती है, तो उन्हें ट्रक या ट्रैक्टरों में भरने के लिए मजदूर नहीं है.

पशुपालकों को भी हो रही है दिक्कत

पशुओं के रखरखाव और देखभाल के लिए भी इस समय लोगों की कमी पड़ रही है. दुकानों के बंद होने के कारण चारे और दवाईयों की समस्या बनी हुई है. उचित चारे के अभाव में दूध उत्पादन पर फर्क पड़ रहा है, बाकि जितना दूध हो भी रहा है वो मांग न होने के कारण बाजार में बिक नहीं रहा.

लॉकडाउन के बढ़ने से होगी परेशानी

लॉकडाउन अगर इसी तरह चलता रहा तो न सिर्फ पंजाब-हरियाणा बल्कि देश भर के किसानों को नुकसान होगा. आने वाले समय में फल-सब्जियों के दाम महंगें होंगें.

English Summary: farmers of punjab and haryana facing problems due to lack of labors
Published on: 09 May 2020, 02:02 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now