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Updated on: 2 June, 2026 4:02 PM IST
स्प्रिंकलर-ड्रिप तकनीक पर सरकार दे रही 80% तक सब्सिडी (Image Source-AI generate)

खरीफ सीजन में किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी होती है जल समस्या और यह परेशानी किसानों के लिए चुनौती बन जाती है, क्योंकि इस समय तेज गर्मी होने के कारण फसलों को अधिक पानी की जरुरत होती है. इसलिए किसानों की खेती की लागत बढ़ जाती है और काम भी पर अब ऐसा नहीं होगा. स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम जैसी तकनीकें किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं. इन तरीकों से न सिर्फ पानी की बचत होती है, बल्कि फसलों की पैदावार में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है.

क्या है स्प्रिंकलर तकनीक?

अगर आप स्प्रिंकलर तकनीक को खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको पता होना चाहिए कैसा इसका उपयोग करें. सिंचाई विधि में पाइप और नोजल की मदद से पानी को फुहार (बारिश) के रूप में खेतों में फैलाया जाता है. यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी है जहां पानी की उपलब्धता सीमित होती है. इस विधि से खेत के हर हिस्से तक समान रूप से पानी पहुंचता है, जिससे पौधों की बेहतर वृद्धि संभव होती है. यानी की अगर किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं तो वह अपनी खेती के कामों को कम समय में आसानी से खत्म कर सकते हैं और अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं.

ड्रिप इरिगेशन: बूंद-बूंद से सिंचाई

ड्रिप इरिगेशन सिस्टम एक उन्नत तकनीक है, जिसमें पाइपलाइन के जरिए पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है. अगर किसान भाई इस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं तो वह इससे पानी की बर्बादी लगभग खत्म हो जाती है और फसल को जरूरत के अनुसार ही नमी मिलती है. यह विधि सब्जियों, फलों और बागवानी फसलों के लिए बेहद कारगर मानी जाती है.

(Image Source-AI generate)

किसानों को इस तकनीक से क्या फायदे होंगे?

इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने से किसानों को कई तरह के लाभ मिल रहे हैं-

  • पानी की बचत: पारंपरिक सिंचाई के मुकाबले 40-60% तक पानी की बचत

  • उत्पादन में वृद्धि: पौधों को सही मात्रा में पानी मिलने से पैदावार बढ़ती है

  • कम लागत: श्रम और बिजली की खपत कम होती है

  • खरपतवार नियंत्रण: ड्रिप सिस्टम में केवल पौधों की जड़ों तक पानी पहुंचता है, जिससे खरपतवार कम उगते हैं

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

आज के समय में अगर आप अपनी खेती से अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं तो इन स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम को अपनाकर हर काम चुटकियों में खत्म कर सकते हैं और सरकार भी किसानों को इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. साीथ ही विभिन्न राज्यों के उद्यान विभाग द्वारा स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाने पर 50% से लेकर 80% तक सब्सिडी दी जा रही है.

इसके अलावा, किसानों को इन तकनीकों के सही उपयोग के लिए प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) भी दिया जाता है. कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और उद्यान विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करते हैं, जहां किसानों को उपकरणों के संचालन और रखरखाव की जानकारी दी जाती है.

कैसे लें सब्सिडी और ट्रेनिंग का लाभ?

केंद्र और राज्य सरकारें 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के तहत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने पर भारी सब्सिडी दे रही हैं. अगर आप इस सरकारी सब्सिडी का फायदा उठाना चाहते हैं तो अपने जिले के उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क करें. उसके बाद संबंधित योजना के लिए आवेदन फॉर्म भरें और जमीन, पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करें. इसके बाद आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान उपकरण पर सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं और प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर तकनीक को बेहतर तरीके से सीखे सकते हैं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Farmers get 80 Percent Subsidy on Drip and Sprinkler Irrigation Technology
Published on: 02 June 2026, 04:07 PM IST

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