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Updated on: 16 December, 2025 4:02 PM IST
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत किसानों को मिलेगी 33 प्रतिशत की सब्सिडी ( Image Source- Freepik)

देश के किसानों और पशुपालकों की आय में इजाफा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इसके चलते राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत किसान और पशुपालक अपना खुद का डेयरी बिजनेस शुरु करते हैं, तो उन्हें इस व्यवसाय में सरकार की ओर से 33 प्रतिशत तक अनुदान की छूट मिलेगी जिससे उनकी आय में इजाफा होने के साथ बाजार में बढ़ती दूध की मांग की भी पूर्ति होगी. जिससे बड़े स्तर पर डेयरी यूनिट स्थापित करना आसान हो जाएगा.

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

सरकार ने इस योजना की शुरुआत राज्य के किसानों और पशुपालकों की स्थिति को देखकर शुरु की है. साथ ही इस योजना का फायदा राज्य के स्थायी निवासी यानी कि किसान और पशुपालक उठा सकते हैं. वहीं, सरकार ने इस योजना से जुड़ने के लिए यह जरुरी शर्तें तय की है, जो स प्रकार है-

  • आवेदक के पास कम से कम 50 एकड़ भूमि होनी जरुरी है.

  • किसान इस बात का जरुर ख्याल रखें की यह भूमि एक ही तहसील में स्थित होनी जरुरी है.

  • इसके अलावा आवेदनकर्ता किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए वरना वह इस योजना का लाभ नही ले सकेंगा.

  • इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा, जो पहले से ही किसी दुग्ध संघ या प्रोड्यूसर कंपनी को दूध की आपूर्ति करते हो.

कितनी डेयरी यूनिट लगा सकते हैं ?

किसान कामधेनु योजना के तहत 8 डेयरी इकाइयां लगा सकते हैं और हर यूनिट में बड़ी संख्या में दुधारु पशु भी रख सकते हैं. इससे यह साफ है कि इस योजना का लाभ छोटे स्तर के किसान के साथ बड़े निवेशक भी उठा सकते हैं.

यूनिट की संरचना और लागत

  • इस योजना के तहत हर यूनिट में 25 दुधारू पशुओं को शामिल किया जाएगा, जिनमें गाय भैंस दोनों हो सकती है.

  • सरकार ने इस योजना के तहत देशी गाय आधारित यूनिट की अनुमानित लागत लगभग 36 लाख रुपये तय की है.

  • वहीं संकर गाय या भैंस आधारित यूनिट के लिए लागत होगी 42 लाख रुपये.

कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?

सरकार इस योजना में अनुदान वर्गों के हिसाब से मुहैया करवा रही है. इस योजना के अंर्तगत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लाभार्थियों को कुल लागत का 33 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा और वहीं अन्य वर्गों के किसानों को सरकार करीबन 25 प्रतिशत तक अनुदान मुहैया करवाएंगी.

बाकी की राशि किसानों को बैंकों के माध्यम से ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ कम हो जाएगा.

कैसे करें आवेदन?

मध्यप्रदेश सरकार ने इस योजना को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लागू की है. जिन इच्छुक किसानों और पशुपालकों को इस योजना में आवेदन करना है, तो वह किसान संबंधित पशुपालन विभाग या अधिकृत पोर्टल www.mpdah.gov.in पर लॉगिन कर आसानी से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.

English Summary: Farmers easily start a dairy business through Kamdhenu Yojana and receive Subsidy
Published on: 16 December 2025, 04:09 PM IST

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