उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में शासन के निर्देशा अनुसार हर महीने के तीसरे बुधवार को जिला स्तर पर किसान दिस का आयोजन किया जाता है। यह बैठक सामान्यतः सुबह 11:00 से जिला मुख्यालय विकास भवन, कलेक्टर भवन, या कृषि भवन के सभागार में आयोजित की जाती है। समस्याओं का समाधान इसमें किसान अपनी समस्याओं को अधिनिष्ठ अधिकारी के पास अपनी समस्याएं रखते हैं। जैसे सिंचाई, विद्युत, खाद बीज, बैंक ऋण, और सरकारी योजनाओं को सुनकर उनका मौके पर ही निस्तारण किया जाता है। यह बैठक यह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होती है।
विभागों की भागीदारी, इसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, गन्ना, दुग्ध उत्पादन, सहकारिता विभाग, ऊर्जा सहित, 20 विभागों के, जिला स्तरीय अधिकारी एवं कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहते हैं। तकनीकी जानकारी, अधिकारियों द्वारा किसानों को अच्छी और आधुनिक खेती के लिए विशेषज्ञों की सलाह और नई तकनीकी जानकारी दी जाती है। इसी क्रम में बलिया जिले के उत्तर प्रदेश में महीने के तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन जिला अधिकारी के अध्यक्षता में हुआ।
सबसे पहले जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह ने उपस्थित अधिकारी, प्रगतिशील कृषक, स्वागत किया। साथ ही पिछले किसान दिवस में किसानों द्वारा अवगत कराए गए समस्याओं पर भी विभाग की ओर से किए गए कार्य को पढ़कर सुनाए। किसानों ने की समस्याओं पर गंभीर हुए डीएम ने , अधिकारियों से कहां की समय रहते हुए इसका निस्तारण कर ले, किसानों को योजनाओं को लाभ दिलाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, समय से समस्याओं को निपटाना। संबंधित अधिकारी को निर्देश किया।
बलिया जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि भवन सभा घर में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं उर्वरकों की उपलब्धता, प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, तथा बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों किसान की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द समय रहते हुए निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को, प्रगतिशील किसानों को पशुपालक, मछली पालन एवं किसान नेताओं को स्वागत किया गया।
इसके बाद पिछले किसान दिवस में उठाई गई समस्याओं पर संबंधित विभागों पर प्राप्त आख्या को जिला कृषि अधिकारी ने किसानों के समक्ष पढ़कर सुनाया। पूर्व में उठाए गए प्रकरणों का निस्तारण होने पर किसानों ने संतोष व्यक्त किया। किसानों ने जनपद के विभिन्न सहकारी समितियां पर प्राप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध करने का मुद्दा उठाया। किसानों ने कहा कि वर्तमान में रबी की फसलों की बुवाई का महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराना जरूरी है। इस पर सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि जनपद के सभी समितियां पर लगभग 2.500 मेट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता कर दी गई है।
किसानों की मांग को देखते हुए। उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण का लेकर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने चकबंदी वाले गांव का डाटा समय से फिड करने तथा संबंधित गांव के किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना में पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को आयुष्मान प्राथमिकता के आधार पर कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से बनवाने को कहा। इसके साथ ही झुगी झोपड़िया में रहने वाले पात्र किसानों को 3 महीने के भीतर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभांति करना तथा बाढ़ प्रभावित गांवों में कटान और बाढ़ के कारण नष्ट हुई फसलों का सर्वेक्षण कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति उपलब्ध करने के निर्देश दिए। किसान दिवस पर किसानों ने राजस्व, पशुपालन, नहर, उद्यान, विद्युत, विपणन, और जल निगम सहित विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं भी उठाई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश किया कि किसानों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके जल्द से जल्द एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, अप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह,, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता सिंचाई, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, सहायक निबंधक सहकारिता, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
लेखक, रबीन्द्रनाथ चौबे, ब्यूरो चीफ, कृषि जागरण, बलिया, उत्तरप्रदेश।