भारत को कृषि प्रधान देश कहां जाता है और इसके पीछे की वजह है यहां पैदावार की जानें वाली फसलें. यानी की यहां के किसान कई फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. इसी को देखते हुए सरकार किसानों के लिए कई सरकारी योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ करोड़ों किसानों को मिल रहा है, लेकिन इन सरकारी योजनाओं का लाभ ऐसे बड़े किसान भाई भी उठा रहे हैं, जो सरकारी नौकरी करते हैं और सरकारी पेंशन का भी लाभ ले रहे हैं. इसलिए सरकार किसानों को फार्मर आईडी बनाने को लेकर जोर दें रही है, ताकि सभी किसानों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सामने आ सकें.
क्या होती है Farmer ID और क्यों है जरूरी?
फार्मर आईडी किसानों की एक डिजिटल पहचान है, जिसकी मदद से किसानों की व्यक्तिगत जानकारी और खेती से जुड़ा विवरण होता है. साथ ही इस आईडी का उद्देश्य है किसानों का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने में आसानी हो सकें. साथ ही आपको बता दें कि आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ उन किसानों को मिलेगा जिनकी फार्मर आईडी बनी होगी.
दो श्रेणियों में बांटे गए हैं बटाईदार किसान
फार्मर रजिस्ट्री की इस व्यवस्था में बटाई पर खेती करने वाले किसानों को दो श्रेणियों में रखा गया है. दोनों श्रेणियों के किसानों के लिए आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग होगी.
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पहली श्रेणी: ऐसे किसान जिनके पास अपनी कोई कृषि भूमि नहीं है और वे पूरी तरह दूसरे किसान की जमीन पर बटाई के आधार पर खेती करते हैं.
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दूसरी श्रेणी: ऐसे किसान जिनके नाम पर खुद की कृषि भूमि है और वे अपनी जमीन के अलावा दूसरे किसानों की जमीन भी बटाई पर लेकर खेती करते हैं.
दोनों ही श्रेणियों के किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री में अपना पंजीकरण करा सकते हैं.
जिनके पास अपनी जमीन नहीं, वे कैसे बनवाएं Farmer ID?
अगर आप किसान है पर आपके पास अपनी खुद की खेती की जमीन नहीं है, तो घबराएं नहीं और आप अगर किसी की खेत की जमीन पर बटाई पर खेती करते हैं तो आपको इन प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा-
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सबसे पहले अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाएं और उसके बाद वहां फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने को कहें.
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इसके बाद अपने आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराएं.
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ध्यान रहे कि आवेदन के दौरान अपने मोबाइल नंबर का सत्यापन कराएं और किसान की श्रेणी में 'बटाईदार' का विकल्प चुनें.
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अब जिस जमीन पर आप बटाई के आधार पर खेती कर रहे हैं, उसका पूरा विवरण दर्ज कराएं.
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आवेदन जमा होने के बाद जमीन के मालिक की Farmer ID पर सहमति के लिए अनुरोध भेजा जाएगा.
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जमीन मालिक द्वारा अनुरोध स्वीकार करने के बाद बटाईदार किसान का पंजीकरण पूरा किया जा सकेगा.
जिनके पास जमीन है कैसे बनाएं Farmer ID?
अगर आप किसान है और अभी तक आपने फार्मर आईडी नहीं बनाई है, तो घबराएं नहीं. इस डिजिटल आईडी को बनाने के लिए आपको अपने राज्य के आधिकारिक AgriStack Farmer Registry पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा या फिर आप अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट जैसे Rajasthan Farmer Registry या अपने नजदीकीi जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से भी इस आईडी को आसानी से बनवा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह