RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 27 January, 2026 1:01 PM IST
यूरिया खरीदने के लिए अनिवार्य होगी फार्मर आईडी (Image Source-AI generate)

देशभर के किसानों के लिए खाद से जुड़ी खबर सामने आ रही है. केंद्र सरकार अब यूरिया समेत उर्वरकों की बिक्री को पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. इसके तहत अगर किसान भाई भविष्य में खाद की खरीद करते हैं, तो उनके लिए डिजिटल फार्मर आईडी (Farmer ID) अनिवार्य किया जा सकता है. साथ ही यह वहीं यूनिक आईडी है, जिसका इस्तेमाल पीएम किसान योजना के साथ सभी सरकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.

बता दें कि सरकार का यह बड़ा कदम इसलिए उठाया है, ताकि खाद पर मिलने वाली भारी सब्सिडी का लाभ सही और वास्तविक किसानों तक पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके.

एग्री स्टैक से जुड़ेगी यूरिया बिक्री

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार यूरिया की बिक्री को एग्री स्टैक (Agri Stack) से जोड़ने की तैयारी में है, जिसके के लिए पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रुप में लागू किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के माध्यम से खाद खरीद करते समय किसानों की पहचान डिजिटल फार्मर आईडी के जरिए की जाएगी.

साथ ही अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में देश के सात जिलों में इस योजना को लागू किया जाएगा. इन जिलों का चयन सरकार इस आधार पर करेंगी. इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी बन चुकी है.

क्यों जरूरी हो रही है फार्मर आईडी?

सरकार तेजी से किसान आईडी बनाने पर जोरों से काम कर रही है, ताकि पात्र किसान भाइयों को ही सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकें. साथ ही फार्मर आईडी की जरिए सरकार को यह फायदा होगा-

  • फार्मर आईडी की मदद से असली किसानों की पहचान होगी.

  • इस डिजिटल पहचान से खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी.

  • साथ ही एक ही किसान द्वारा जरूरत से ज्यादा यूरिया खरीदने पर रोक लगेगी.

इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और अब तक देशभर में 7.67 करोड़ से ज्यादा किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है.

किसे मिलेगी यूरिया खरीदने की अनुमति?

अगर आप खाद की खरीद करना चाहते हैं, तो आपकी जमीन आपके नाम पर ही होनी चाहिए.

यूरिया खरीद खेती करने वाले वास्तविक किसान ही कर सकते हैं या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति को ही बेची जाए. इसके लिए विशेष तौर पर फार्मर आईडी का ही उपयोग किया जाएगा.

कैसे बनाएं फार्मर आईडी?

अगर आप भी फार्मर आईडी बनवाना चाहते हैं, तो इसकी बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान है. किसान भाई इन स्टेप्स को फॉलो करके फार्मर आईडी बनवा सकते हैं-

  1. सबसे पहले किसान राज्य के कृषि पोर्टल या PM-Kisan / Agri Stack वेबसाइट पर विजिट करें.

  2. उसके बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को पूरा करें.

  3. इसके बाद अपने आधार नंबर के जरिए e-KYC पूरा करें.

  4. अपनी जमीन की जानकारी भरें (खसरा/सर्वे नंबर, क्षेत्रफल आदि)

  5. उसके बाद आप डेटा उपयोग की सहमति दें.

  6. आप फिर ई-साइन (e-Sign) करें.

  7. उसके बाद फॉर्म सबमिट करने के बाद Enrollment ID प्राप्त होगी.

  8. अंत में सत्यापन के बाद डिजिटल फार्मर आईडी जनरेट हो जाएगी.

साथ ही इस आईडी के माध्यम से किसानों को भविष्य में यह लाभ होगा की वह पीएम किसान, फसल बीमा, खाद सब्सिडी सभी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से लें सकेंगे.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Farmer ID mandatory to buy urea major decision by Central government Know complete plan and how to get your farmer ID
Published on: 27 January 2026, 01:37 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now