Success Story: बस्तर की मिट्टी से उभरी महिला एग्रीप्रेन्योर अपूर्वा त्रिपाठी, हर्बल उत्पादों से बना रहीं वैश्विक पहचान 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल कृषि में मशीनों के उपयोग में STIHL की भूमिका: भारतीय खेती के लिए आधुनिक समाधान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 19 March, 2026 5:06 PM IST
ड्रैगन फ्रूट की खेती पर किसानों को मिलेगा भारी अनुदान ( Image Source-istockphoto)

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई सरकारी योजना चला रही है और इसी कड़ी में सरकार राज्य के किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि इस फल की बाजारों में बड़े पैमाने पर डिमांड बनी रहती है और इसकी कीमत भी अधिक. इसलिए सरकार किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए 1.62 लाख रुपये तक सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे किसानों की लागत घटेगी और आय में इजाफा होगा.

ड्रैगन फ्रूट की खेती पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

यूपी सरकार ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के किसानों को 1.62 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान प्रदान कर रही है, जिससे किसानों को आर्थिक मदद हो जाएगी. साथ ही अगर आप ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं तो शुरुआत में आपको पौधों को सपोर्ट स्ट्रक्चर लगाने पर विशेष रुप से ध्यान देना होगा और ऐसे में सरकार की ओर से दी जा रही यह मदद किसानों के लिए राहत साबित हो सकती है, जिससे उनकी आय में इजाफा होने की गुंजाइश होगी.

ड्रैगन फ्रूट की खेती से क्या लाभ होगा?

ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) एक अत्यधिक पौष्टिक फल है जो विटामिन सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट (बीटालेन, कैरोटीनॉयड) और आयरन से भरपूर होता है. साथ ही इस फल के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन में सुधार करने में काफी मददगार है. साथ ही ड्रैगन फ्रूट आज के समय में सुपरफूड माना जाता है और बाजारों में भी इस फल की 12 महीने मांग बनी रहती है और कीमत भी अन्य फलों से अधिक होती है. इसलिए राज्य सरकार इसकी खेती करने के लिए किसानों को भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है, ताकि किसान इस अनुदान का लाभ उठाकर अपनी आमदनी में इजाफा कर सकें.

कब करें ड्रैगन फ्रूट की खेती?

अगर आप इस पोषक तत्वों से भरपूर फल की खेती करने का विचार बना रहे हैं तो इसकी खेती आपके लिए सही विकल्प साबित हो सकती है और साथ ही इस फसल की खेती करने के लिए उचित समय मार्च का महीना माना जाता है, क्योंकि इस माह में मौसम अच्छा होता है और इस फल के पौधे तेजी से विकसित होते हैं और बेहतर उत्पादन भी देते हैं.यानी की यह महीना इस फल की खेती करने के लिए अनुकूल माना जाता है. इसके अलावा, किसान इस फसल से लगातार कई सालों तक उत्पादन पा सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.

ऐसे करें आवेदन?

अगर आप इस फसल की खेती करने के लिए सरकारी सब्सिडी का लाभ पाना चाहते हैं तो अपने आसपास के नजदीकी जिला उद्यान विभाग (हॉर्टिकल्चर) कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. साथ ही यहां से आप योजना से जुड़ी पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के बारे में सब जान सकते हैं. इसके अलावा किसान भाई चाहें तो राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल (https://dbt.uphorticulture.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

योजना में अप्लाई करने के दौरान आवश्यक दस्तावेज

अगर किसान इस फसल की खेती करना चाहते हैं और इस योजना में आवेदन करना चाहते हैं तो इन जरुरी दस्तावेजों को जरुर साथ ले जाए-

  • आधार कार्ड

  • खतौनी

  • बैंक पासबुक

  • पासपोर्ट साइज फोटो

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Dragon Fruit Subsidy Farmers to Receive Rs 1.62 Lakh Subsidy Per Hectare for Dragon Fruit Cultivation
Published on: 19 March 2026, 05:12 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now