Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 27 September, 2024 5:07 PM IST
कार्य्रकम में उपस्तिथि मुख्य अथिति भागीरथ चौधरी, राज्य कृषि मंत्री, भारत सरकार
कार्य्रकम में उपस्तिथि मुख्य अथिति भागीरथ चौधरी, राज्य कृषि मंत्री, भारत सरकार

भारतीय कृषि-अर्थशास्त्र अनुसंधान केंद्र (BAERC) ने 25 सितंबर 2024 को दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि शिक्षा और अनुसंधान प्रबंधक सम्मेलन आयोजित किया गया. उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, भगीरथ चौधरी, राज्य कृषि मंत्री, भारत सरकार  ने किसानों के स्थायी विकास के लिए एक ठोस नीति पर संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया.

भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री, दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि सार्वजनिक वित्त पोषित संस्थानों, जैसे विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्रों की नीतियों की समीक्षा न होने के कारण वर्तमान समय में उनकी प्रगति बाधित हो रही है. कार्यक्रम के समापन सत्र में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह-सारकार्यवाह, डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि कृषि उत्पाद की कीमतों को मुद्रास्फीति से अलग कर किसानों के लिए उन्हें लाभकारी बनाना जरूरी है.

सम्मेलन में मुख्य रूप से कृषि शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा हुई. इसी दौरान- छात्रों का कृषि को करियर के रूप में चुनने में घटती रुचि, विश्वविद्यालयों और संस्थानों को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों की कमी. शिक्षकों और शोधकर्ताओं को समय पर उचित प्रशिक्षण न मिल पाना. मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां. शोध और मार्केटिंग के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी आदि मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई.

इस अवसर पर BAERC के अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, उपाध्यक्ष एडवोकेट विलास सोनवाने और सचिव डॉ. ए. ए. मुर्कुटे भी मौजूद रहे. उपाध्यक्ष, डॉ. एस. के. दुबे ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और सम्मेलन के दो प्रमुख सत्र– कृषि शिक्षा और कृषि अनुसंधान– का संचालन किया. इस सम्मेलन ने देशभर के कृषि शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े प्रमुख लोगों को एक मंच पर आकर विचार-विमर्श करने और इन क्षेत्रों को मजबूत करने की रणनीतियों पर काम करने का अवसर दिया.

सम्मेलन में 15 विश्वविद्यालयों के कुलपति और 20 निदेशकों ने हिस्सा लिया. इस दौरान ASRB के सदस्य डॉ. बी. एस. द्विवेदी, शिक्षा के उपमहानिदेशक (DDG) डॉ. आर. सी. अग्रवाल, विस्तार के उपमहानिदेशक डॉ. यू. एस. गौतम और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) के उपमहानिदेशक डॉ. एस. के. चौधरी भी उपस्थित रहे.

English Summary: Dialogue on a concrete policy necessary for the sustainable development of farmers
Published on: 27 September 2024, 05:09 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now