मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, ताकि इन योजनाओं की मदद से कुछ आर्थिक सहायता मिल सकें. अभी हाल में राज्य के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है कि मध्य प्रदेश सरकार देसी गायों के संरक्षण और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एक नई आर्थिक सहायता योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना के तहत चयनित पशुपालकों को हर महीने अधिकतम 900 रुपये की सहायता दी जाएगी. यानी सालभर में एक पशुपालक को 10,800 रुपये तक मिल सकते हैं.
योजना के लिए कितना बजट रखा गया है?
देसी गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस पहल पर विशेष बजट खर्च करने की तैयारी में है. यानी इस योजना के लिए सालाना 40 करोड़ रुपये का बजट रखने की योजना है और इस राशि के माध्यम से पात्र पशुपालकों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ देसी गायों के संरक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा. साथ ही सरकार की कोशिश है कि आर्थिक मदद मिलने से पशुपालक गायों के खानपान और देखभाल पर बेहतर तरीके से खर्च कर सकें.
पहले चरण में कितने पशुपालकों का चयन होगा?
इस योजना को फिलहाल सीमित स्तर पर लागू करने की तैयारी है. शुरुआती चरण के लिए मध्य प्रदेश के 100 गांवों का चयन किया गया है. इन गांवों को चुनने का आधार वहां देसी नस्ल की गायों की अधिक संख्या होना बताया गया है. साथ ही आपको बता दें कि योजना के पहले चरण में प्रत्येक चयनित गांव से पांच पशुपालकों को लाभार्थी बनाया जाएगा. इस तरह कुल 500 पशुपालकों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी.
कब होगा योजना का शुभारंभ?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 नवंबर 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर इस योजना की शुरुआत करेंगे. इसके बाद योजना से जुड़ी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभार्थियों के चयन के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है. फिलहाल ऑनलाइन आवेदन की तारीख, आवेदन पोर्टल और जरूरी दस्तावेजों को लेकर पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है.
किन नस्लों पर मिलेगा प्रोत्साहन?
मध्य प्रदेश में देसी गायों की कई प्रमुख नस्लें पाई जाती हैं, जिनमें महाकौशली, मालवी, निमाड़ी, केनकथा और गाओलाओ शामिल हैं. मध्य प्रदेश सरकार इन देसी नस्लों का संरक्षण पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए राज्य के किसानों को हर महीने प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे, ताकि किसान इन नस्लों का पालन करें और अधिक लाभ कमाएं.
हर महीने कितनी मिलेगी राशि?
किसानों को गाय पालन में नियमित खर्च करना पड़ता है. इसमें हरा चारा, सूखा चारा, दाना, पानी, पशुशाला की सफाई और स्वास्थ्य देखभाल जैसी जरूरतें शामिल हैं. छोटे पशुपालकों के लिए इन सभी खर्चों का प्रबंधन करना आसान नहीं होता. ऐसे में हर महीने मिलने वाली 900 रुपये तक की सहायता उनके खर्च का कुछ हिस्सा कम करने में मदद कर सकती है.
लेखक: रवीना सिंह