RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 11 January, 2019 4:11 PM IST

अभी पिछले महीने की 11 तारीख को ही पाँच राज्यों के विधान सभा चुनाव के नतीजे आए। जिसमें बीजेपी को तीन बड़े राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने मात दे दी। इस विधानसभा चुनाव में कर्जमाफ़ी का मुद्दा अहम रहा। जैसे ही इन सभी राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी तो एक के बाद एक राज्य ने किसानों की कर्जमाफ़ी का ऐलान कर दिया. इतना ही नहीं इसी कर्जमाफ़ी के धुन में भारतीय जनता पार्टी भी चल पड़ी थी. इसी बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी फिर से कर्जमाफ़ी की घोषणा कर दी थी. इस बार योगी सरकार से उन किसानों की कर्जमाफ़ी का फैसला किया था जो पिछली बार इसके लाभ से वंचित रह गए थे.

बता दें, राजस्थान की नई कांग्रेस सरकार के कर्जमाफ़ी राजनीति के बीच 100 से ज़्यादा ऐसे किसानों के नाम आने का दावा हुआ है जिन्होंने कभी कर्ज लिया ही नहीं है फिर भी उनके कर्ज माफ कर दिये गए है. इन नाराज किसानों ने सरकार के खिलाफ़ फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद राजस्थान सरकार ने सहकारी बैंक के मैनेजर को निलंबित कर दिया है.

एक समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले के सागवारी तहसील के गेवड़ी मे 1780 किसान ऐसे हैं जिनका नाम कर्जमाफ़ी के लिस्ट में शामिल है। इन किसानों ने किसी भी सहकारी बैंको से कर्ज भी नहीं लिया था. सहकारी बैंको ने इन किसानों को 8 करोड़ रूपये का लोन देने का दावा किया है. किसानों को इस कर्ज के बारे में तब पता चला जब उन लोगों ने राजस्थान सरकार द्वारा कर्जमाफ़ी मुहैया कराए गए ऑनलाइन लिंक पर जाकर लाभ लेने वाले किसानों के नाम की जांच की. रविवार को किसानों ने बैक के सामने जाकर विरोध प्रदर्शन किया और बैक कर्मचारियों के पुतले भी फूंके. किसानों के प्रदर्शन के बाद जब सरकार ने जांच के आदेश दिये तो बैंक कर्मचारी भाग निकले.  

English Summary: Debt forgiveness is an excuse, the real issue is that the farmers have to deceive
Published on: 11 January 2019, 04:13 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now