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Updated on: 24 January, 2021 9:56 PM IST
दरभंगा के सिंहवाड़ा में एक प्रखंड सिरहुल्ली नाम का है, जहां मोहन पासवान की बेटी ज्योति का घर है. जी हां, वही ज्योति जो दुनिया के सबसे बड़े कोराना कहर से अपने पिता को हरियाणा से बिहार साईकल पर ही ले आई थी. पिता ऑटो चलाते वक्त जब जख्मी हो गए थे, तब ज्योति ने उन्हें बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी. उसकी बहादूरी को अब पीएम मोदी ने सराहा है.

ज्योति को मिलेगा राष्ट्रीय बाल सम्मान

ज्योति एक बार फिर खबरों में है, क्योंकि इस बार उसे 26 जनवरी पर राष्ट्रीय बाल सम्मान पुरष्कार मिलने वाला है. इतना ही नहीं 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनसे वर्चुअल संवाद करेंगे. इस खबर के बारे में उन्हें खुद दरभंगा के डीएम ने बताया है. कोरोना समय को ज्योति ने बताया मुश्किल कल ज्योति और उनके पिता मोहन पासवान को डीएम आवास ले जाया जाएगा, जहां से वो सीधे पीएम मोदी से बात करेंगें. कोरोना समय को याद करते हुए ज्योति कहती है कि वो मुश्किल समय था, हम ऐसी लड़ाई का सामना कर रहे थे, जिसकी कोई तैयारी नहीं थी, जिसकी कोई खबर नहीं थी. वो बताती है कि पीएम मोदी से बात करने को वो उत्साहित है.

पिता बोले- बेटी पर गर्व है

ज्योति के पिता मोहन पासवान कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. कोरोना के समय उनकी बेटी सिर्फ 500 की साईकल खरीद, लगभग 1000 से भी ऊपर का सफर उन्हें बैठाकर तय कर दी. उनके गांव में फिलहाल हर कोई इस समय गौरवांगित महसूस कर रहा है.

पूरी दुनिया को किया था प्रभावित

बता दें कि ज्योति की साईकल वाली बहादूरी का प्रभाव भारत ही नहीं बल्कि बार की मीडिया में भी पड़ा था. विदेशी अखबारों ने उन्हें साईकल गर्ल कहकर संबोधित किया था. ज्योति की हिम्मत से प्रभावित होते हुए खुद इवांका ट्रंप ने उनकी प्रशंसा की थी.  

English Summary: Cycle Girl Jyoti will be awarded by National Bal Shree Honour know more about it
Published on: 24 January 2021, 10:00 PM IST

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